रामकुमार गुप्ता आरंग : लगातार हो रही बारिश के बीच महानदी पर निर्मित हरदीडीह एनीकट का एक हिस्सा तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं किसानों के सामने सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने की चिंता भी बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, निसदा डेम के 10 तथा समोदा डेम के 23 गेट खोले जाने के बाद महानदी में जलस्तर और पानी का बहाव अचानक काफी तेज हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि हरदीडीह एनीकट के केवल दो गेट ही खोले गए थे। इससे पानी का अत्यधिक दबाव एनीकट पर पड़ा और तेज बहाव के कारण उसका एक हिस्सा टूटकर बह गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते एनीकट के सभी गेट खोल दिए जाते, तो संभवतः इस बड़े नुकसान से बचा जा सकता था। घटना के बाद हरदीडीह सहित आसपास के गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।
हरदीडीह एनीकट क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। इसके क्षतिग्रस्त होने से आने वाले दिनों में कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने शीघ्र मरम्मत कर सिंचाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
इस बीच नगर पंचायत समोदा के अध्यक्ष छोटेलाल सोनकर ने घटना को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि एनीकट संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल प्रशासन द्वारा एनीकट को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत, आवागमन बहाल करने तथा किसानों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की तैयारी की जा रही है। वहीं ग्रामीणों की नजर अब प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी हुई है।