July 29, 2026


अतुल चोपड़ा के सहायक अभियंता के पदोन्नति की जांच एवं कार्यपालन अभियंता की पदोन्नति को रोकने की मांग कलेक्टर एवं सचिव आर. संगीता से : ओस्तवाल

राजनांदगांव :- शहर कांगे्रस के पूर्व महामंत्री एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम् से राजनांदगांव जिले के कलेक्टर एवं छत्तीसगढ़ नगरीय प्रशासन सचिव सुश्री आर संगीता से यह मांग की है कि श्री अतुल चोपड़ा को नगर पालिक निगम, राजनांदगांव द्वारा निकाय में संविलियन करते हुए सहायक अभियंता के पद पर किये गये पदोन्नति की निष्पक्ष जांच कर पदोन्नति आदेश निरस्त करते हुए किये गये वेतन भुगतान की वसूली बाबत् एवं शिकायत के संबंध में जब तक जांच नहीं हो जाती तब तक उनको कार्यपालन अभियंता के पद पर पदोन्नति की कार्यवाही नही किये जाने की मांग करते हुए श्री अतुल चोपड़ा सहायक अभियंता नगर पालिक निगम रायपुर का पदोन्नति दिनांक २३.१२.२०२० को निरस्त कर उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर सभी दोषियों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग 

 अतुल चोपड़ा, उप अभियंता, जो नगर पंचायत, बेमेतरा से प्रतिनियुक्ति पर वर्ष 2011 में नगर पालिक निगम राजनांदगांव में पदस्थापना की गई थी।

छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन रायुपर, के आदेश क्रमांक 8452/4563/2018/18, दिनांक 05.10.2018 द्वारा श्री अतुल चोपड़ा, उप अभियंता को नगर पालिक निगम राजनांदगांव में अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति तथा सेवा के निबंधन एवं शर्ते नियम 2018 अनुसार संविलियन करने की अनुमति प्रदान की गई हैं, शासन द्वारा संविलियन नियम अनुसार इनको अगर नगर पालिक निगम राजनांदगांव में वरीयता दिनांक 05.10.2018 पश्चात दी जानी थी, लेकिन नगर पालिक निगम राजनांदगांव के कार्यालयीन आदेश कमांक 510/स्थापना/2018-19, दिनांक 06.10.2018 द्वारा श्री अतुल चोपड़ा को उप अभियंता के प्रथम नियुक्ति दिनांक 10.02.2006 से निकाय में संविलियन प्रदान की गई जो कि संविलियन नियमों के विपरीत है।

नगर पालिक निगम राजनांदगांव द्वारा इन्हें वर्ष 2020 में सहायक अभियंता के पद पर एमआईसी की बैठक उपरांत शासन की पुष्टि प्राप्त होने के पूर्व ही दिनांक 23.12.2020 को अतुल चोपड़ा को उप अभियंता से सहायक अभियंता के पद पर नियम विपरीत पदोन्नति प्रदान की गई है।

जो कि सेवा भर्ती नियमों के विपरीत हैं एवं वर्तमान में नगर निगम रायपुर में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत है।

एमआईसी की बैठक दिनांक 16.12.2020 में पारित प्रस्ताव अनुसार पदोन्नति हेतु शासन की पुष्टि के लिये दिनांक22.12.2020 को आयुक्त नगर पालिक निगम जिला राजनांदगांव के द्वारा उप सचिव, नगरीय प्रशासन विभाग नवा रायुपर को पत्र भेजा गया था।

 अतुल चोपड़ा को उप अभियंता से सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नति दिये जाने हेतु शासन से पुष्टि दिनांक 22 03.2021 को प्राप्त हुई थी जबकि अतुल चोपड़ा को उप अभियंता से सहायक अभियंता के पद पर दिनांक 23.12. 2020 को ही पदोन्नतेि दिया जा चुका था जो कि शासन के आदेश/निर्देश एवं नियमों के विपरीत हैं। 

श्री अतुल चोपड़ा को नियम विपरीत पदोन्नति प्रदान कर शासन के आदेशों निर्देशों को बाईपास किया गया, इस प्रकार तत्कालीन आयुक्त द्वारा जानबुझकर, सुनियोजित ढंग से श्री अतुल चोपड़ा को अनुचित लाभ दिलाया गया और शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाया गया।

अत:  अतुल चोपड़ा को नगर पालिक निगम, राजनांदगांव द्वारा निकाय में संविलियन करते हुये सहायक अभियंता के पद पर किये गये पदोन्नति की निष्पक्ष जांच कर पदोन्नति आदेश निरस्त करते हुये किये गये वेतन भुगतान की वसूली बाबत् एवं शिकायत के संबंध में जब तक निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती तब तक कार्यपालन अभियंता के पद पर पदोन्नति की कार्यवाही ना किया जाये साथ ही उपरोक्त शिकायत के निराकरण किये बिना श्री अतुल चोपड़ा को कार्यपालन अभियंता के पद की पदोन्नति कार्यवाही की जाती हैं तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध मान, उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर किया जायेगा जिसमें होने वाले समस्त खर्चो की जावबदारी संबंधित अधिकारी/कर्मचारी पर होगी।

केन्द्र/ राज्य शासन की महत्वकांक्षी योजना अमृत मिशन पेयजल की लगभग २१० करोड़ रूपये की राशि की स्वीकृती की नगर पालिक निगम राजनंादगांव को प्राप्त हुई थी, जिसमें श्री अतुल चोपड़ा सहायक नोडल अधिकारी के रूप में प्रभार में थे और जिसमें शासन के नियमों के विरूद्ध कार्य करवाकर उस अमृत मिशन योजना पूरी तरह भ्रष्टाचार के चलते फेल हो गई और मोहारा नदी से लेकर खरखरा जलाशय तक लगभग ५८ करोड़ रूपयों की पाईपलाईन नियम विरूद्ध निगम के अधिकारियों के द्वारा निर्वाचित कुछ जनप्रतिनिधियों से साँठ-गाँठ कर जो पाईपलाईन बिछवाकर ठेकेदार और स्वयं के लाभ को देखते हुए? जो निर्माण कार्य किया गया जिससे आज दिनांक तक एक बुंद पानी उस पाईपलाईन से राजनांदगाँव शहर की जनता को नसीब नही हुआ और निगम प्रशासन और शहर की आम जनता के हितों के लिए ३० वर्ष की यह महत्वकांक्षी योजना लाई गई थी, लेकिन दुर्भाग्य यह है कि शहर की जनता को यह योजना ०३ वर्ष में ही फेल हो गई और आए दिन शहर की जनता को २ टाईम पीने का पानी भी नसीब नही हो रहा है, इसलिए श्री अतुल चोपड़ा के सविंलियन की पूरी जांच नही जाती तब तक उन्हें कार्यपालन अभियंता के पद पर पदोन्नति रोकने का आदेश जारी करने की कृपा शासनहित और जनहित में करें ।


Advertisement

Tranding News

Get In Touch