छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा ने 6 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, स्मार्ट मीटर और खाद-बीज संकट का मुद्दा उठाया
रायपुर। कबीरधाम। छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले कबीरधाम जिले के किसानों ने राज्य आन्दोलनकारी प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे जी के नेतृत्व में मंगलवार को जिलाधीश कार्यालय पहुंचकर 6 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में किसानों ने कहा कि प्रदेश में कृषि और किसान लगातार उपेक्षा के शिकार हैं। सबसे पहले मोर्चा ने स्मार्ट मीटर योजना को तत्काल बंद करने की मांग की। किसानों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल कई गुना बढ़ गए हैं, जिससे छोटे और सीमांत किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं। कृषि कार्यों के लिए मीटर में यूनिट की गणना पारदर्शी तरीके से हो और पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए।
दूसरी मांग खाद और बीज की समय पर उपलब्धता को लेकर थी। मोर्चा ने कहा कि बुवाई के समय खाद-बीज की किल्लत और कालाबाजारी आम बात हो गई है। सहकारी समितियों में पर्याप्त स्टॉक रखा जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
तीसरी मांग फसल बीमा योजना को किसान हितैषी बनाने की थी। किसानों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान होने पर बीमा कंपनियां क्लेम देने में आनाकानी करती हैं। सर्वे में पारदर्शिता लाई जाए और 15 दिन के भीतर मुआवजा किसानों के खाते में पहुंचे।
चौथी मांग में मोर्चा ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों तक करने की मांग की। कहा गया कि ग्रामीण बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले इसके लिए हर विकासखंड में नए स्कूल खोले जाएं।
पांचवीं मांग किसान हितैषी नीतियां लागू करने की थी। इसमें अल्पकालीन कृषि ऋण माफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य में लागत से डेढ़ गुना वृद्धि और कृषि उपकरणों पर सब्सिडी शामिल है।
छठी मांग में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को पूरे प्रदेश में समय-सीमा में पूरा करने और जर्जर सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की गई। अनिल दुबे ने कहा कि यदि 15 दिन के भीतर मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो संयुक्त किसान मोर्चा प्रदेशभर में उग्र आंदोलन करेगा। ज्ञापन लेने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। 55 लाख एकड़ शीसकीय भूमि, जंगल भूमि, आदिवासी भूमि शोषकों ने बेंच दिए