किरंदुल : जनवरी 2026 से लंबित 2 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) की घोषणा अब तक नहीं किए जाने से प्रदेश के पेंशनरों में गहरा आक्रोश है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, बस्तर जिला इकाई ने राज्य सरकार से केंद्र के समान देय तिथि जनवरी 2026 से एरियर सहित 2 प्रतिशत महंगाई राहत तत्काल घोषित करने की मांग की है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर पेंशनर आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे।
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, बस्तर जिला के जिलाध्यक्ष रूप कुमार झाड़ी एवं जिला सचिव मोहम्मद कासिम ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि प्रांतीय इकाई के आह्वान पर आंदोलन के प्रथम चरण के तहत 5 अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा जाएगा।=
उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी सरकार द्वारा लंबित महंगाई राहत की घोषणा नहीं की जाती है, तो आंदोलन के दूसरे चरण में संभागीय अध्यक्ष राम नारायण ताटी के नेतृत्व में संभाग स्तर पर व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49(6) के अंतर्गत दोनों राज्यों के बीच आपसी सहमति की बाध्यता समाप्त हो चुकी है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार के सामने अब किसी प्रकार की कानूनी बाधा नहीं है और उसे पेंशनरों के हित में लंबित महंगाई राहत की घोषणा तत्काल करते हुए जनवरी 2026 से एरियर सहित भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए।
ज्ञापन का समर्थन करने वाले प्रमुख पेंशनर: रूप कुमार झाड़ी, मोहम्मद कासिम, सुभाषचंद्र मंडल, जी.डी. बैरागी, राजेन्द्र यादव, एन.आर. साहू, श्रीमती रेणु राव, शीतल राम मरकाम, राजेन्द्र चौहान, सतपाल सिंह, विश्वनाथ राय, श्रीमती पुष्पा वर्मा, नारायण सिंह नेताम, दिलीप कुमार देवांगन, स्वप्न कुमार साहा, राम कुमार महंती, जोहन ठाकुर, चन्द्रप्रकाश ठाकुर, खेमराज सोम, राम सिंह नाग, गोकुल चंद्रवंशी, रविंद्र नागवंशी एवं सजल सरकार।