तेल अवीवा। ईरान और इजरायल के बीच युद्ध के छठे दिन तेहरान में कई शक्तिशाली विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। ईरानी राजधानी के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में कम से कम पांच धुएँ के गुबार देखे गए, स्थानीय समयानुसार दोपहर 3:50 बजे विस्फोट होने की सूचना मिली। इज़रायली सेना ने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि वह तेहरान में सैन्य ठिकानों पर हमला कर रही थी। एक्स पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी देते हुए कहा गया कि आईडीएफ वर्तमान में तेहरान में ईरानी शासन के सैन्य ठिकानों पर हमले कर रही है। यह ताजा हमला ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग को खारिज करने के कुछ घंटों बाद हुआ।
13 जून के बाद पहली बार टेलीविजन पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए 86 वर्षीय राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकियों को यह पता होना चाहिए कि किसी भी अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप से निस्संदेह अपूरणीय क्षति होगी। खामेनेई ने इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका पर हमला बोलते हुए चेतावनी दी कि अगर उनके देश के खिलाफ़ सैन्य कार्रवाई की गई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। यह घोषणा करते हुए कि ईरान दबाव में आत्मसमर्पण नहीं करेगा, खामेनेई ने इज़राइल पर अपने हालिया कार्यों में गंभीर गलती करने का आरोप लगाया और कसम खाई कि तेल अवीव को उसके आक्रमण के लिए दंडित किया जाएगा। इज़राइल ने बहुत बड़ी गलती की है, और उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हम इसके शासकों पर कोई दया नहीं दिखाएंगे।
खामेनेई ने घोषणा की कि ईरान अपने क्षेत्र के खिलाफ किसी भी आक्रमण का कड़ा जवाब देगा, उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के सशस्त्र बल हाई अलर्ट पर हैं। उन्होंने कसम खाई कि ईरान ज़ायोनी शासन द्वारा अपने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन और अपने शहीदों के रक्तपात को न तो माफ करेगा और न ही भूलेगा। लाइव टीवी संबोधन के कुछ ही मिनट बाद इज़रायली लड़ाकू विमानों ने तेहरान के लवीज़ान इलाके पर हवाई हमला किया। लवीज़ान को खामेनेई का संभावित गुप्त ठिकाना माना जाता रहा है। इस हमले के समय को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अटकलें तेज़ हो गई हैं कि कहीं खामेनेई खुद इस हमले का निशाना तो नहीं थे।