डोंगरगांव :- समीपस्थ ग्राम बरगांव के सरपंच पति और ग्राम के ही एक व्यक्ति द्वारा रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। गौरतलब है कि नगर की सीमा में बहने वाली घुमरिया नदी लगातार डोंगरगांव की ओर कटाव कर रही है और बरगांव व डोंगरगांव निकाय के सीमा क्षेत्र में यह पूरा खेल चल रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार ये माफिया आवास के नाम पर रेत निकालते हैं और बाहर हजारों रुपये में बेच रहे हैं। एक जनप्रतिनिधि होकर रेत की चोरी जैसे मामले में नाम उजागर होने से सरपंच पत्नी की छवि धूमिल कर रहे हैं। इन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे शासन-प्रशासन को चुनौती देते हैं कि कोई हमारा कुछ नहीं कर सकता। सूत्रों की मानें तो इन माफियाओं के द्वारा गांव के लोगों को डराने-धमकाने की जानकारी प्राप्त हो रही है।
बता दें कि ग्राम बरगांव की ओर से आने वाले रास्ते मे पुल के पहले ही पगडंडी से होते हुए घाट तक पहुंचा जा सकता है। इस घाट से बारीक और जोड़ाई के लिए रेत का अंधाधुंध उत्खनन हो रहा है। रेत चोरी के मामले में गांव के ही अमरचंद यादव और सरपंच पति हेमलाल उइके के द्वारा करीब एक से डेढ़ एकड़ क्षेत्र में रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा चुका है। इनके द्वारा रेत का दोहन लगातार किया जा रहा है।
ग्रामीणों से चर्चा में पता चला कि रेत का अवैध कारोबार करने वाला अमरचंद गांव में भी लोगों का धमकाने का प्रयास करता है और उसके द्वारा विगत तीन माह से रेत के उत्खनन और परिवहन की जानकारी सामने आ रही है। इधर सरपंच पति के द्वारा भी रेत चोरी जैसे मामले में शामिल होकर नदी की दशा और दिशा ही बदलकर रख दिया गया है। इन रेत माफियाओं के द्वारा बरगांव घाट के साथ-साथ डोंगरगांव घाट के रेत की चोरी लगातार किया जा रहा है।
नदी के घाट में रेत चोरी करते समय मीडियाकर्मियों द्वारा पकड़े जाने पर बरगांव सरपंच के पति हेमलाल उइके ने रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की बात स्वीकारी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उसका सहयोगी अमरचंद यादव के द्वारा सैकड़ों ट्रिप रेत निकाला जा चुका है। इस मामले में ग्राम के ही निवासी जनपद सदस्य विवेक मंडावी से चर्चा की गई, तो उन्होंने बताया कि अमरचंद को अनेक बार रेत के उत्खनन और परिवहन के लिए मना किया गया और उसे गांव स्तर पर दंड भी किया गया है। बावजूद इसके वह लगातार गलत कृत्य में शामिल होता रहा है। वहीं बरगांव की महिला सरपंच के पति हेमलाल उइके के द्वारा रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त होना निंदनीय है। हम पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और अवैध परिवहन व खनन के विरोध में हैं।
इस संबंध में बरगांव सरपंच, डोंगरगांव एसडीएम और डोंगरगांव तहसीलदार से दूरभाष में संपर्क करने का प्रयास किया गया किन्तु व्यस्त होने के चलते किसी से बात नहीं हो पायी।