आरंग। छत्तीसगढ़ झेरिया गडरिया (पाल धनकर) समाज द्वारा आरंग में लोक माता अहिल्याबाई होलकर की जयंती हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ मनाई गई। आयोजित समारोह में समाज के सैकड़ों लोगों के साथ विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया और लोक माता अहिल्याबाई होलकर के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद आरंग के अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने अपने संबोधन में कहा कि लोक माता अहिल्याबाई होलकर का जीवन, उनकी न्यायप्रियता, सुशासन और जनकल्याणकारी कार्य आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि एक कुशल शासक और महिला सशक्तिकरण की प्रतीक के रूप में अहिल्याबाई होलकर ने जो आदर्श स्थापित किए, वे वर्तमान समय में भी प्रासंगिक हैं।
डॉ. जैन ने पाल समाज की एकजुटता की सराहना करते हुए कहा कि समाज हमेशा से सामाजिक समरसता और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने समाज के उत्थान और नगर विकास से जुड़े कार्यों में हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त ध्रुव कुमार मिर्धा उपस्थित रहे। उन्होंने समाज के गौरवशाली इतिहास और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए समाज को संगठित रहकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ झेरिया गडरिया महासभा पाल समाज एवं आरंग राज के प्रदेश अध्यक्ष मिलन धनकर ने की। कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मण पाल ने किया।
आयोजन को सफल बनाने में समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष बलराम पाल, सचिव केशव पाल, कोषाध्यक्ष संतोष पाल, उपकोषाध्यक्ष वीरू पाल, संरक्षक खेलावन धनकर एवं तुलाराम पाल सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा सलाहकार मंडल के सदस्य खोर पाल, राधेश्याम पाल, मन्नूलाल पाल, होरी पाल, नारायण पाल, शोभाराम पाल, राजेंद्र पाल, राधेपाल, घनश्याम पाल, संदीप पाल, जवाहर पाल, अलख पाल एवं भुनेश्वर पाल ने भी अपनी सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में पूर्व पार्षद चैतराम पाल, शंकर पाल सहित आरंग राज एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु, माताएं और बहनें शामिल हुए।
समारोह के अंत में समाज के सर्वांगीण विकास, सामाजिक एकता और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।