आरंग: ग्राम जरौद(क) में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सदस्य वतन चंद्राकर ने मुख्यमंत्री के नाम अपर कलेक्टर रायपुर को विभिन्न जनसमस्याओं और मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों, युवाओं, छात्रों एवं ग्रामीणों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की गई।
वतन चंद्राकर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं का निराकरण शासन-प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए डीएपी, यूरिया सहित अन्य उर्वरकों की पुरानी व्यवस्था को पुनः लागू करने की मांग की। साथ ही ग्राम रसनी में पंचायत की अनुमति के बिना 56 एकड़ शासकीय भूमि आवंटन पर रोक लगाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।
रेल और परिवहन सुविधाओं को लेकर भी उन्होंने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। वतन चंद्राकर ने आरंग रेलवे स्टेशन में एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टापेज की मांग करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को लाभ मिलेगा। वहीं रायपुर से संचालित सिटी बस सेवा को भानसोज से फरफौद और खौली तक विस्तारित करने की मांग भी रखी गई।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर रसनी और पारागांव हाईस्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नयन करने की मांग की गई। इसके अलावा ग्राम रसनी में राज्यपाल के अनुमोदन के बाद स्वीकृत धान खरीदी केंद्र को निरस्त किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उसे पुनः बहाल करने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी गई।
ज्ञापन में पंचायत क्षेत्रों में बढ़ रही अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने तथा मनरेगा योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। बताया गया कि हितग्राहियों को अभी तक 20 दिन का भी रोजगार नहीं मिल पाया है और मानव दिवस में भारी कटौती की गई है। ऐसे में प्रत्येक पात्र हितग्राही को 100 मानव दिवस रोजगार सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इसके साथ ही विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्वीकृत विकास कार्यों के लिए लंबित राशि जारी कर आवश्यक फंड उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
वतन चंद्राकर ने कहा कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई जाती रहेगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आगे व्यापक आंदोलन किया जाएगा।