राजनांदगांव :- पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ द्वारा 07 जून 2026 को प्रदेशव्यापी महावृक्षारोपण अभियान संचालित किया जाएगा। प्रदेशाध्यक्ष डॉ. नीरेन्द्र साहू के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान के तहत समाज के प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने तथा जल संरक्षण के प्रभावी उपाय अपनाने का आह्वान किया गया है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. नीरेन्द्र साहू की अध्यक्षता में आगामी 07 जून 2026 को पूरे प्रदेश में व्यापक वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण अभियान संचालित किया जाएगा। इस महाअभियान के माध्यम से समाज के प्रत्येक परिवार, इकाई, परिक्षेत्र, जिला समाज एवं विभिन्न प्रकोष्ठों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेशाध्यक्ष डॉ. नीरेन्द्र साहू ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण असंतुलन, बढ़ता तापमान और जल संकट मानव जीवन के समक्ष गंभीर चुनौती बनकर उभर रहे हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण प्रकृति संरक्षण का सबसे सरल, प्रभावी और दीर्घकालिक माध्यम है, जो न केवल पर्यावरण को संतुलित करता है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य की नींव भी रखता है। प्रदेश साहू संघ ने समाज के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं समाजजनों से अपने-अपने क्षेत्र में अधिकाधिक पौधे लगाने की अपील की है। साथ ही वृक्षारोपण से जुड़े फोटो एवं वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर जन-जागरूकता बढ़ाने का आग्रह किया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुनीत अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे सकें। संघ द्वारा जल संरक्षण को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। वर्षा ऋतु के आगमन से पूर्व घरों एवं आसपास सोख्ता निर्माण, वर्षा जल संचयन तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग को अपनाने का संदेश दिया गया है। प्रदेश साहू संघ का मानना है कि जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। डॉ. नीरेन्द्र साहू ने समाज के सभी सदस्यों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार यदि कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेता है, तो पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि समाज की सामूहिक शक्ति से पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान निश्चित रूप से सफल होगा और प्रदेश में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ जल संकट की समस्या के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस संबंध में जानकारी छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ आईटी सेल प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी महामंत्री मनीष साहू द्वारा प्रदान की गई।