किरंदुल : छत्तीसगढ़ राज्य की सबसे अमीर नगरपालिका में शुमार किरंदुल नगरपालिका में जारी अविश्वास प्रस्ताव का मामला तो समाप्त हो गया।सोमवार को हुए मतदान में अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 08 मत तथा विपक्ष में 10 मत पड़े थे ।जिस प्रकार किरंदुल नगर पालिका में उनकी ही कांग्रेस पार्टी के पार्षदो द्वारा पालिकाध्यक्ष मृणाल राय के विरुद्ध लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त हुआ था।किरंदुल नगरपालिका परिषद में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कांग्रेसियो द्वारा एक दूसरे पर जारी बयानबाजी एवं आरोप प्रत्यारोप के बीच बुधवार को बस्तर लोकसभा सांसद एवं कांग्रेस पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रदेशअध्यक्ष दीपक बैज किरंदुल पहुंचे ।
एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के गेस्टहाउस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि आपसी मनमुटाव एवं गलतफहमियों के कारण अविश्वास प्रस्ताव लाया गया होगा।परंतु फिर भी किरंदुल नगरपालिका परिषद में कांग्रेस पार्टी के पालिकाध्यक्ष की जीत हुई हैं ।बागी कांग्रेसी पार्षदो बालसिंह कश्यप एवं दिनेश प्रसाद के ऊपर कांग्रेस पार्टी के द्वारा कार्यवाही पर प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले कांग्रेसी पार्षदो की गतिविधियों को दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस संगठन ने संज्ञान में लिया है।
शायद अब तक उन पार्षदो को पार्टी के द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया होगा।विदित हो कि किरंदुल नगरपालिका अध्यक्ष मृणाल राय ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा था की कि मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के पीछे किरंदुल के सांसद प्रतिनिधि राजू रेड्डी एवं खुद दो कांग्रेसी पार्षदो बालसिंग कश्यप एवं दिनेश प्रसाद का ही हाथ था।उल्लेखनीय हैं कि किरंदुल पालिका के 7 कांग्रेसी पार्षदो ने ही अपनी ही पार्टी के कांग्रेसी पालिकाध्यक्ष मृणाल राय के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था।