राजनांदगांव: राजनांदगांव। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन लेने वाले 20 हजार से अधिक हितग्राहियों को दो माह की शक्कर नहीं मिल सकी है। खाद्य विभाग की व्यवस्था और वितरण प्रक्रिया को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। हितग्राहियों का आरोप है कि अप्रैल-मई- जून माह का खाद्यान्न एक साथ साथ दिया गया था लेकिन हितग्राहियों को शक्कर केवल एक माह की दी गई थी। जबकि अब जुलाई में राशन लेने पहुंचने पर दुकानों में संचालकों ने साफ कह दिया कि दो माह की शक्कर का स्टाक लैप्स हो चुका है, इसलिए उसका वितरण नहीं किया जाएगा। हितग्राहियों ने बताया कि उन्हें इस बात की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई कि शक्कर का आवंटन लैप्स हो जाएगा। यदि समय रहते जानकारी दी जाती तो वे निश्चित रूप से अपना कोटा प्राप्त कर लेते। राजनांदगांव जिले में दो लाख 55 हजार राशन कार्डधारी हैं। जिसमें सदस्यों ी की संख्या करीब नौ लाख हैं।
पहले चरण में पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न का वितरण एक साथ कर दिया गया था, लेकिन शक्कर केवल एक माह की ही उपलब्ध कराई गई। इसके बाद उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि अगले वितरण चक्र में शेष दो माह की शक्कर मिल जाएगी। हालांकि जुलाई में जब वे राशन दुकानों पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि जिन लोगों ने निर्धारित समय में शक्कर का उठाव नहीं किया, उनका आवंटन लैप्स कर दिया गया है। राशन दुकानों के संचालकों का कहना है कि विभागीय निर्देशों के अनुसार निर्धारित अवधि में सामग्री का उठाव नहीं होने पर शक्कर का आवंटन स्वतः लैप्स हो जाता है। ऐसे में अब दो माह की शक्कर का वितरण संभव नहीं है।
मायूस होकर लौट रहे हितग्राही
जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से इस संबंध में शिकायतें सामने आइ हैं। कई हितग्राहियों ने बताया कि उन्हें इस बात की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई कि शक्कर का आवंटन लैप्स हो जाएगा। यदि समय रहते जानकारी दी जाती तो वे निश्चित रूप से अपना कोटा प्राप्त कर लेते। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि लैप्स हुई शक्कर का पुनः आवंटन कर पात्र हितग्राहियों को उनका अधिकार दिलाया जाए। उनका कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाना है, ऐसे में तकनीकी कारणों से उन्हें उनके हिस्से की सामग्री से वंचित करना उचित नहीं है।