डोंगरगांव। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा डोंगरगांव में रविवार, 25 अक्टूबर को विजयदशमी उत्सव, पारंपरिक शस्त्र पूजन और भव्य पथ संचलन का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास के साथ किया गया। पूर्ण गणवेश में सुसज्जित होकर कदमताल मिलाते स्वयंसेवकों के अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के गगनभेदी जयकारों से पूरा नगर गुंजायमान हो उठा। नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का आत्मीय स्वागत किया।
साकेतधाम में हुआ पारंपरिक शस्त्र पूजन
कार्यक्रम का शुभारंभ साकेतधाम परिसर में संघ की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप विधि-विधान से शस्त्र पूजन के साथ हुआ। इसके उपरांत आकर्षक घोष की धुन पर स्वयंसेवकों का भव्य पथ संचलन साकेतधाम से प्रारंभ हुआ।
यह संचलन नगर के प्रमुख मार्गों, मुख्य मार्गों व चौक-चौराहों से होता हुआ गुजरा। इस दौरान मार्ग में अनेक स्थानों पर नागरिकों और मातृशक्ति ने भारी उत्साह के साथ स्वयंसेवकों पर पुष्प वर्षा की और उनका अभिनंदन किया। नगर भ्रमण के पश्चात पथ संचलन निर्धारित स्थल पर पहुंचकर विधिवत संपन्न हुआ।
राष्ट्र निर्माण में संघ के योगदान पर प्रकाश
इस गरिमामय उत्सव में सेन समाज के निर्भय राम श्रीवास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह सेवा प्रमुख अनिल श्रीवास्तव ने मुख्य वक्ता के रूप में स्वयंसेवकों और प्रबुद्ध नागरिकों का मार्गदर्शन किया।
मुख्य बौद्धिक उद्बोधन:
अपने संबोधन में प्रांत सह सेवा प्रमुख अनिल श्रीवास्तव ने संघ की स्थापना, उसके मूलभूत उद्देश्यों और राष्ट्र निर्माण में चल रहे सेवा कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने समाज को संगठित, सशक्त और चरित्रवान बनाने के लिए ही संघ की नींव रखी थी। विजयदशमी का पर्व शक्ति साधना, सामाजिक समरसता और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवाभाव से पहुंचने और आपसी समरसता को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।
गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति
अनुशासित वातावरण और अभूतपूर्व उत्साह के साथ संपन्न हुए इस उत्सव में खंड संघचालक दिग्विजय शांडिल्य, विभाग प्रचार प्रमुख रेवादास मानिकपूरी, विभाग सेवा प्रमुख अभय बाजपेई, जिला प्रचार प्रमुख प्रेम गोस्वामी, जिला सेवा प्रमुख झरेंद्र श्रीवास, खंड कार्यवाह भजन लाल साहू सहित नगर और अंचल के तमाम गणमान्य नागरिक, बड़ी संख्या में मातृशक्ति और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।