कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में त्रिवेदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि वह समझ चुकी हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में वह हारने वाली हैं। इसलिए एसआइआर को लेकर वह ज्यादा हो-हल्ला मचा रही हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कर दिया है कि एसआइआर का काम नहीं रुकेगा और इसे पारदर्शी तरीके से लागू करना होगा।

मदरसा शिक्षा के लिए 5,600 करोड़ के आवंटन पर घेरा
उन्होंने बंगाल सरकार द्वारा हाल में पेश किए गए अंतरिम बजट पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो राज्य हर साल अपने कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए 48 हजार करोड़ रुपये खर्च करती है, वैसे राज्य में मदरसा शिक्षा के लिए 5,600 करोड़ रुपये जबकि साइंस व टेक्नोलाजी पर सिर्फ 80 करोड़ और उद्योग व वाणिज्य विभाग के लिए मात्र 1,100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि उत्तर बंगाल, जहां की आबादी करीब 2.5 करोड़ के आस-पास है, वहां के लिए बजट में मात्र 800 करोड़ रुपये दिए गए हैं। कार्यक्रम में राष्ट्रीय चेतना मंच के अध्यक्ष सीए आरएन रुस्तगी, सचिव रंजीत कुमार अग्रवाल व सह-संयोजक सीए सुमंत्र गुहा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

भाजपा नेता लोगों से यह मानकर बात करें कि पार्टी बंगाल में सरकार बनाने जा रही : केंद्रीय मंत्रीदूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री व बंगाल भाजपा के चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव ने यहां पार्टी नेताओं से कहा कि लोगों से यह मानकर बात करें कि भाजपा राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बनाने जा रही है।

यादव ने यहां पार्टी कार्यालय में जिला भाजपा के नेताओं के साथ एक संगठनिक बैठक में कहा- इस बार अगर या लेकिन नहीं। राज्य के बदलाव को सिर्फ बातों के तौर पर पेश न किया जाए। लोगों का सामना इस विश्वास के साथ करें कि आने वाले विधानसभा चुनाव में राज्य में सत्ता का बदलाव होने जा रहा है और भाजपा सरकार बनाने जा रही है।