नई दिल्ली : अगर आप बाहर खाना खाते हैं। रेस्टोरेंट्स का खाना आपको टेस्टी लगता है, तो आप देखिएगा कि सालों तक बाहर का खाना खाकर भी न तो आपका पेट भरेगा, न मन। उल्टा आप लंबे समय में बीमारियों को ही दावत दे बैठेंगे। कारण, वहां खाना बिजनेस बढ़ाने के लिए बनाया जाता है।
वहीं, घर में खाना पैसे कमाने के लिए प्यार बांटने के लिए बनाया जाता है। इसीलिए वास्तु शास्त्र (Vastu Tips) में घर की रसोई को मंदिर की तरह पवित्र माना जाता है। जिन घरों में रसोई को मंदिर जैसा साफ और स्वच्छ रखा जाता है, वहां के सदस्यों को न तो कोई बीमारी होती है और न ही उस घर में कभी अन्न-धन की कमी होती है।
मगर, जाने अनजाने में यदि आप कुछ गलतियां करते हैं, तो इसका असर भी आपको देखने को मिल सकता है। यह असर न सिर्फ आपके घर की सुख-समृद्धि को प्रभावित करते हैं, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा भी पैदा करते हैं। आइए जानते हैं कि आपको किन गलतियों को नहीं करना है…
खाना बनाना एक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा को आगे बढ़ाने का रास्ता है। जिस मनोस्थिति में खाना बनाया जाता है, वैसी भावनाएं पॉजिटिव या निगेटिव खाने में मिलती हैं और उनका असर लंबे समय में परिवार के लोगों की सेहत पर भी दिखता है।
गुस्से या तनाव में खाना बनाने से खाने में नकारात्मक ऊर्जा आती है। यह परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य और रिश्तों को प्रभावित करती है। इसलिए हमेशा रसोई में शांत और खुश मन से ही खाना बनाना चाहिए।
रसोई को साफ-सुथरा रखेंरसोई में गंदगी रखना, बासी खाना बचाकर रखना निगेटिव एनर्जी पैदा करता है। इससे घर में सुख-समृद्धि नहीं रहती है। इसलिए रसोई को हमेशा साफ और स्वच्छ रखना चाहिए। इसके अलावा रसोई में स्वच्छता से ही प्रवेश करना चाहिए। सुबह नहाने के बाद ही किचन में खाना बनाना चाहिए।
खाने को बर्बाद नहीं करना चाहिए। यदि परिवार के सभी सदस्यों के खाना खाने के बाद भी रोटियां वगैरह बच गई हैं, तो उसे किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दे देना चाहिए या गाय को डाल देना चाहिए। अन्न का अपमान करने से घर में अन्न की बरक्कत नहीं रहती है।