नई दिल्ली : इस बार 7 सितंबर से पितृ पक्ष की शुरुआत होने जा रही है। वहीं इसका समापन सर्व पितृ अमावस्या के दिन यानी 21 सितंबर को होगा। कई बार जाने-अनजाने में हम कुछ ऐसी गलती कर बैठते हैं, जिसके कारण हमें पितृ पितरों की नाराजगी झेलनी पड़ती है। ऐसे में आप इस स्थानों पर नियमित रूप से दीपक जलाकर पितरों की कृपा के पात्र बन सकते हैं।
पितृ पक्ष में यहां जलाएं दीपक
जल्द ही पितृ पक्ष की शुरुआत होने जा रही है। ऐसे में आप इस अवधि में शाम के समय घर की दक्षिण दिशा में चौमुखी दीपक या तिल के तेल का दीपक जला सकते हैं। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और जातक को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
यदि आप पित दोष से पीड़ित हैं, तो इसके लिए आपको रोजाना शाम के समय आचमन करके खुद को शुद्ध करना चाहिए। इसके बाद मिट्टी के दीपक में तेल डालकर बाती जलाएं और छत पर दक्षिण दिशा में रखें। इस दौरान पितरों से अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगे। ऐसा करने से पितरों की नाराजगी दूर होती है और साधक को पित दोष से राहत मिल सकती है।
हिंदू धर्म में दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा मानाग या है। ऐसे में रोजाना पितरों को याद करते हुए घर की इस दिशा में सरसों की तेल का दीपक जलाना चाहिए। इसके साथ-साथ पितरों की तस्वीर के समक्ष भी सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और साधक पर अपनी दया दृष्टि बनाए रखते हैं।
बना रहेगा आशीर्वादहिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, पीपल के पेड़ में भी पितरों का वास माना गया है। ऐसे में दोपहर के समय पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं और सात बार इसकी परिक्रमा करेें। इसके बाद पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक में सरसों का तेल और काले तिल डालकर छाया दान करें। इससे भी आपको पितृ दोष की स्थिति में राहत देखने को मिल सकती है।