छुरिया :- छुरिया-बंजारी मार्ग पर चारमांठा के पास सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण राहगीरों और स्कूली बच्चों की जान लगातार जोखिम में बनी हुई है। सड़क के दोनों किनारों पर 'साइड सोल्डर' (मिट्टी का भराव) न होने की वजह से यहां आए दिन बड़े हादसों की आशंका बनी रहती है। इस गंभीर समस्या के त्वरित निराकरण की मांग को लेकर ग्राम चारमांठा के दर्जनों ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) राजनांदगांव के कार्यपालन अभियंता को ज्ञापन सौंपा है।
दो बार हुआ डामरीकरण, पर मिट्टी का भराव भूला विभाग
ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से विभाग का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि चारमांठा मार्ग पर लगभग दो किलोमीटर हिस्से का पिछले कुछ समय में दो बार डामरीकरण किया जा चुका है। सड़क तो पक्की बन गई, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियों और विभाग द्वारा सड़क के दोनों किनारों पर मिट्टी का भराव (साइड सोल्डर) कराना मुनासिब नहीं समझा गया।
परिणामस्वरूप, डामर सड़क के दोनों ओर गहरी ढलान और खतरनाक गड्ढे जैसी स्थिति बन गई है। इस वजह से दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को आपस में क्रॉस करते समय या साइड देते समय भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार वाहन अनियंत्रित होकर नीचे फिसल जाते हैं।
विद्यार्थियों की जान जोखिम में, पालकों में चिंता
ग्रामीणों ने विशेष रूप से क्षेत्र के स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि इस व्यस्त मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में आम लोग आवाजाही करते हैं। इसके अलावा, प्राथमिक विद्यालय से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं पैदल और साइकिल से इसी रास्ते से रोजाना स्कूल-कॉलेज पढ़ने जाते हैं। सड़क किनारे पर्याप्त जगह और पटरी न होने के कारण मासूम बच्चों के साथ कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है।
जल्द मुरुम डलवाने की चेतावनी
ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी विभाग से पुरजोर मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क के दोनों किनारों पर मुरुम डालकर साइड सोल्डर का निर्माण कराया जाए, ताकि आवागमन पूरी तरह सुरक्षित हो सके और किसी अनहोनी को टाला जा सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व सरपंच धर्मेंद्र साहू, आधार सिंग कुंजाम, देवासुराम कुंजाम, छगनलाल कतलाम, चम्मन लाल यादव, देशमुख कुंजाम, रामकुमार साहू, लखनलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।