राजनांदगांव। पीवी एप की अनिवार्यता खत्म करने और राजस्व निरीक्षक (आरआई) के पदों पर पदोन्नति की मांग को लेकर पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल जारी है। अब छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन भी उनके समर्थन में उतर आया है। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने धरनास्थल पहुंचकर पटवारियों की मांगों को जायज बताया। साथ ही आरआई पदों पर सीधी भर्ती बंद करने और पटवारियों को पदोन्नति देने की मांग उठाई।
फेडरेशन के जिला संयोजक सतीश ब्यौहारे और जिला महासचिव पीआर झाड़े ने धरना सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पीवी एप को पर्याप्त तकनीकी तैयारी के बिना लागू किया गया है। एप में सर्वर की समस्या, गलत जीपीएस लोकेशन और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की कमी के कारण पटवारियों को काम करने में परेशानी हो रही है। इन समस्याओं का समाधान किए बिना एप का उपयोग अनिवार्य करना व्यावहारिक नहीं है।
फेडरेशन पदाधिकारियों ने कहा कि राजस्व निरीक्षक का काम मैदानी अनुभव पर आधारित है। पटवारी वर्षों तक राजस्व संबंधी कार्य करते हैं। ऐसे में उन्हें पदोन्नति का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय पदोन्नति में देरी की जा रही है, जबकि सीधी भर्ती को प्राथमिकता दी जा रही है।
फेडरेशन ने शासन से पीवी एप की अनिवार्यता तत्काल समाप्त करने, आरआई पदों पर सीधी भर्ती रोकने और पात्र पटवारियों को जल्द पदोन्नति देने की मांग की है। इसके अलावा हड़ताल के कारण कर्मचारियों के खिलाफ की गई किसी भी दंडात्मक कार्रवाई को वापस लेने की मांग भी रखी गई।
फेडरेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि पटवारियों की हड़ताल से गिरदावरी, नामांतरण, फौती और सीमांकन जैसे राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। आगामी धान खरीदी से जुड़ी तैयारियों पर भी असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने इसके लिए शासन के रवैये को जिम्मेदार ठहराया।
पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पीवी एप वापस लेने और पदोन्नति संबंधी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो फेडरेशन भी आंदोलन को व्यापक रूप देगा।
पटवारियों के आंदोलन को समर्थन देने जिला संयोजक सतीश ब्यौहारे, जिला महासचिव पीआर झाड़े, रोहित सिन्हा, आदर्श वासनिक, सुदेश यादव, संजय तिवारी, प्रकाश सहारे, केदार शांडिल्य और हरीश कश्यप सहित अन्य पदाधिकारी पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत पटवारियों के साथ एकजुटता जताई।
इस संबंध में राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष भीष्म ठाकुर ने जानकारी दी।