राजनांदगांव: राजनांदगांव रेंज में पुलिसिंग को तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए पुलिस महानिरीक्षक बालाजीराव ने मंगलवार को ई-बीट सिस्टम की शुरुआत की। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी पुलिस द्वारा विकसित यह डिजिटल प्लेटफार्म पारंपरिक बीट पुलिसिंग को स्मार्ट, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह प्रणाली वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वायपी सिंह के मार्गदर्शन में विकसित की गई है। इसके तकनीकी विकास और साफ्टवेयर डिजाइन का कार्य उप पुलिस अधीक्षक ताजेश्वर दीवान ने किया है। रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रस्तुतीकरण के बाद आइजी बालाजीराव ने इसकी सराहना करते हुए इसे राजनांदगांव रेंज के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए।
अब तक बीट पुलिसिंग मैनुअल रजिस्टर और बीट डायरी के माध्यम से संचालित होती थी। ई-बीट सिस्टम लागू होने के बाद बीट अधिकारी अपने क्षेत्र की गश्त, सत्यापन, संदिग्ध गतिविधियों और जनसंपर्क से जुड़ी जानकारी आनलाइन दर्ज करेंगे, जिससे वरिष्ठ अधिकारी रियल टाइम में निगरानी और समीक्षा कर सकेंगे। पुलिस महानिरीक्षक बालाजीराव ने कहा कि यह प्रणाली बेसिक पुलिसिंग को नई गति देगी और अपराध नियंत्रण के साथ जनसुरक्षा को भी मजबूत करेगी। वहीं एसएसपी वाय.पी. सिंह ने कहा कि ई-बीट सिस्टम जिले में डिजिटल गवर्नेंस और कम्युनिटी पुलिसिंग को नई दिशा देगा तथा नागरिकों को अधिक त्वरित और प्रभावी पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक होगा।
ई-बीट सिस्टम के प्रमुख फायदे
रियल टाइम मानिटरिंग : बीट अधिकारियों की गश्त और गतिविधियों की आनलाइन निगरानी।
डिजिटल डाटाबेस : संदिग्ध, आदतन अपराधियों और संवेदनशील क्षेत्रों का एकीकृत रिकार्ड।
डेटा आधारित पुलिसिंग : अपराध के पैटर्न का विश्लेषण कर प्रभावी रणनीति तैयार करना।
पेपरलेस व्यवस्था : मैनुअल बीट डायरी की जगह पूरी तरह डिजिटल प्रणाली।
बेहतर जवाबदेही : वरिष्ठ अधिकारियों को प्रत्येक बीट अधिकारी के कार्यों की आनलाइन समीक्षा की सुविधा।
त्वरित शिकायत निवारण : नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सुरक्षा समितियों से प्राप्त सूचनाओं का तत्काल संधारण और कार्रवाई।