June 26, 2026


उत्तराखंड के बाद अब छत्तीसगढ़ की बारी? UCC लागू करने के लिए सरकार ने बनाई हाई लेवल कमेटी

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता यूसीसी लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह समिति राज्य में यूसीसी लागू करने की संभावनाओं, कानूनी पहलुओं और आवश्यक व्यवस्थाओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। 

समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। उनके साथ पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, विधि विशेषज्ञों और शिक्षाविदों को सदस्य बनाया गया है।

भाजपा के चुनावी वादे की दिशा में कदम
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया था। राज्य में सरकार बनने के बाद यह पहला औपचारिक कदम माना जा रहा है, जिसके जरिए यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता कानून लागू किया है। वहां जनवरी 2025 से यूसीसी प्रभावी हो चुका है। अब छत्तीसगढ़ उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहां इस विषय पर औपचारिक तैयारी शुरू हो गई है।

क्या है समान नागरिक संहिता 
समान नागरिक संहिता का अर्थ सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और दत्तक ग्रहण जैसे व्यक्तिगत मामलों में एक समान कानून लागू करना है। वर्तमान में भारत में विभिन्न धार्मिक समुदायों के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं।

समिति के जिम्मे ये काम

सरकार ने समिति को यूसीसी लागू करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने की जिम्मेदारी सौंपी है। समिति राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के संबंध में वर्तमान कानूनी स्थिति का अध्ययन करेगी। विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण जैसे विषयों पर सुझाव देगी। नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से राय लेगी। अन्य राज्यों में लागू या प्रस्तावित समान नागरिक संहिता की व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगी। यूसीसी का प्रारूप तैयार कर राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगी। आवश्यक विधायी और प्रशासनिक अनुशंसाएं भी देगी।

कौन-कौन हैं समिति में
राज्य सरकार द्वारा गठित समिति में- न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई अध्यक्ष, शत्रुघ्न सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस)-सदस्य, एम. के. राउत (सेवानिवृत्त आईपीएस) सदस्य, मोहन पवार, वरिष्ठ अधिवक्ता, सदस्य, ज्योति रानी सिंह (सेवानिवृत्त प्राचार्य) महिला सदस्य को शामिल किया गया है।


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