नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र की राजनीति में रविवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने रविवार को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की, जबकि पार्टी के आठ अन्य नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। सूत्रों ने बताया कि पटना में हाल में हुई विपक्ष की बैठक में राकांपा अध्यक्ष शरद पवार और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले की मौजूदगी से अजित पवार और उनके समर्थक खफा थे।
अजित पवार के साथ इन 8 विधायकों ने ली शपथ
राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल रमेश बैस ने जहां अजित पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई, वहीं राकांपा के आठ अन्य नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। मंत्री पद की शपथ लेने वालों में छगन भुजबल, दिलीप वाल्से पाटिल, हसन मुशरिफ, धनंजय मुंडे, अदिति तटकरे, धर्मराव अत्राम, अनिल पाटिल और संजय बनसोडे शामिल हैं। राजभवन में मौजूद महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि अजित पवार ने निचले सदन में विपक्ष के नेता (एलओपी) के पद से इस्तीफा दे दिया है और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है। राजभवन में विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल और राकांपा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल भी मौजूद थे।
राकांपा के 40 विधायक महाराष्ट्र सरकार के साथ: बीजेपी
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने रविवार को दावा किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के 53 में से 40 विधायक राज्य सरकार का समर्थन कर रहे हैं। बावनकुले राकांपा नेता अजित पवार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे। शरद पवार नीत पार्टी के आठ विधायकों ने शिवसेना और भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री पद की शपथ ली है। बावनकुले ने कहा, ‘‘राकांपा के 53 में से 40 विधायक राज्य सरकार का समर्थन कर रहे हैं।''
'अब हमारे पास 2 उपमुख्यमंत्री हैं'
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे का कहना है, "अब हमारे पास 1 मुख्यमंत्री और 2 उपमुख्यमंत्री हैं। डबल इंजन सरकार अब ट्रिपल इंजन बन गई है। महाराष्ट्र के विकास के लिए, मैं अजीत पवार और उनके नेताओं का स्वागत करता हूं। अजीत पवार का अनुभव महाराष्ट्र को मजबूत करने में मदद करेगा।" सीट बंटवारे को लेकर शिंदे ने कहा कि, "कैबिनेट में सीट बंटवारे पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय है। हम महाराष्ट्र के विकास के लिए एक साथ आए हैं। उन्हें (विपक्ष को) लोकसभा चुनाव में 4-5 सीटें मिली थीं, इस बार वे ऐसा करने में कामयाब नहीं होंगे।" उतनी सीटें भी प्राप्त करें।"
यह राजनीतिक घटनाक्रम शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना (तब अविभाजित) के खिलाफ विद्रोह के एक साल बाद सामने हुआ है, जिसके कारण महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई थी। शिंदे ने 30 जून, 2022 को मुख्यमंत्री पद और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। भाजपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष एवं पूर्व राज्य मंत्री आशीष शेलार ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हिंदुत्व को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को समर्थन दिया। आज अजित पवार के नेतृत्व वाला राकांपा का एक बड़ा धड़ा लोकतांत्रिक तरीके से शिंदे और फडणवीस सरकार में शामिल हो रहा है और मोदी जी को समर्थन दे रहा है।''
इससे पहले दिन में अजित पवार ने मुंबई में अपने आधिकारिक आवास ‘देवगिरि' में पार्टी के कुछ नेताओं और विधायकों के साथ बैठक की। बैठक में राकांपा के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले उपस्थित थीं। हालांकि, सुले बैठक से जल्द ही चली गईं। हालांकि, राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार ने पुणे में कहा कि उन्हें बैठक की जानकारी नहीं है। वर्ष 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने अपने सहयोगी दल भाजपा के साथ संबंध तोड़ लिए थे।
बाद में, राजभवन में एक समारोह में फडणवीस और अजित पवार ने क्रमश: मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन उनकी सरकार केवल 80 घंटे तक चली। इसके बाद ठाकरे ने एमवीए सरकार बनाने के लिए राकांपा और कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया। पिछले साल जून में, शिंदे के नेतृत्व में विद्रोह के कारण शिवसेना में विभाजन हो गया था और एमवीए सरकार गिर गई थी, जिसके बाद शिंदे भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने थे।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ घंटे बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजित पवार ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी ने देश के विकास के लिए एकनाथ शिंदे सरकार का हिस्सा बनने का फैसला किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने राकांपा में किसी भी तरह के विभाजन से इंकार करते हुए कहा कि वे भविष्य के सभी चुनाव राकांपा के चुनाव चिह्न पर लड़ेंगे। अजित पवार ने कहा कि (पार्टी के) सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों ने सरकार में शामिल होने के फैसले का समर्थन किया है।
मंत्रियों के विभागों की घोषणा कुछ दिनों में की जाएगी
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ सत्ता साझा करने के अपने फैसले का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम शिवसेना के साथ जा सकते हैं, तो हम भाजपा के साथ भी जा सकते हैं। नगालैंड में भी यही हुआ।'' उन्होंने कहा, ‘‘समग्र और व्यापक विकास को ध्यान में रखते हुए फैसला किया गया है। हमारे पास प्रशासन का व्यापक अनुभव है, हम बेहतर काम करने के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं।'' पवार ने कहा, ‘‘मंत्रियों के विभागों की घोषणा कुछ दिनों में की जाएगी और हम तुरंत इस पर काम करना शुरू करेंगे।''