April 28, 2024


अक्षय तृतीया : मां गंगा के अवतरण से लेकर महाभारत की लड़ाई तक, अक्षय तृतीया के दिन हुई थी ये 7 बड़ी घटनाएं

अक्षय तृतीया को हिंदू धर्म की पवित्र तिथियों में से एक माना जाता है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया के नाम से जाना जाता है, इस दिन किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। इस तिथि पर इतिहास में कई बड़ी घटनाएं घटित हुई हैं आज हम आपको इन्हीं घटनाओं के बारे में आपको जानकारी देंगे। 

अक्षय तृतीया पर हुई हैं ये बड़ी घटनाएं

  • अक्षय तृतीया के दिन माता गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था और गंगा के अवतरण से राजा सगर के 60 हजार पुत्रों को मुक्ति मिली थी। 
  • माना जाता है कि महाभारत का युद्ध भी इसी दिन खत्म हुआ था। महाभारत का भीष्ण युद्ध 18 दिनों तक चला था जिसमें लाखों योद्धाओं ने अपने प्राण गंवाए थे। 
  • अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम, हयग्रीव और नर-नारायण का अवतरण धरती पर हुआ था। ये तीनों ही भगवान विष्णु के अवतार माने गये हैं। 
  • इसी दिन से सतयुग और त्रैतायुग की शुरुआत भी हुई थी। वहीं मान्यताओं के अनुसार इसी दिन पर द्वापर युग का समापन भी हुआ था। 
  • महाभारत ग्रंथ की रचना का प्रारंभ भी अक्षय तृतीया के दिन से ही हुआ था। ऋषि वेद व्यास और भगवान गणेश ने मिलकर इस ग्रंथ की रचना की थी। 
  • धन-धान्य की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले कनकधारा स्तोत्र की रचना भी आदि शंकराचार्य के द्वारा इसी दिन की गई थी। 
  • अक्षय तृतीया के दिन से ही हिंदुओं के पवित्र तीर्थ स्थल बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खुलते हैं। 
  • इन सब घटनाओं के अलावा अक्षय तृतीया के दिन से ही भगवान जगन्नाथ के रथों के बनने की तैयारी शुरू होती है। इसी दिन सुदामा भगवान कृष्ण से मिलने पहुंचे थे।

अक्षय तृतीया का महत्व 

अक्षय तृतीया के बारे में जब युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण से पूछा था तो, भगवान कृष्ण ने उन्हें इसके महत्व को बताया था। श्रीकृष्ण जी ने युधिष्ठिर को बताया कि, अक्षय तृतीया के दिन जो भी रचनात्मक और सांसारिक कार्य किया जाएगा उसका शुभ परिणाम व्यक्ति को प्राप्त होगा। इस दिन हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोग शुभ कार्य प्रारंभ करते हैं इसके साथ ही नई चीजों की खरीदारी का भी इस तिथि पर बड़ा महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन खरीदारी और खास कर सोना खरीदने से घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती। यह दिन आपके आध्यात्मिक उत्थान के लिए भी बहुत शुभ माना जाता है, अगर आप इस दिन प्रभु का ध्यान करते हैं तो आपको उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन दान करने से भी आप जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं। 


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