May 07, 2026


सावधान! शाम ढलते ही पड़ोसियों को न दें ये 3 चीजें, घर की सुख-समृद्धि पर पड़ सकता है बुरा असर

अक्सर घर के बड़े-बुजुर्ग शाम के समय कुछ विशेष चीजों के लेन-देन को लेकर सख्त मनाही करते हैं। आपने भी गौर किया होगा कि सूर्यास्त के बाद अगर कोई दूध, दही या नमक मांगने आता है, तो उसे मना कर दिया जाता है। इसके पीछे मात्र अंधविश्वास नहीं, बल्कि ज्योतिषीय और आध्यात्मिक कारण छिपे हैं। ऐसा माना जाता है कि गोधूलि बेला के बाद इन सफेद चीजों का दान करने से घर की सुख-शांति और समृद्धि चली जाती है। तो आइए यहां इसके पीछे की वजह जानते हैं।

क्यों वर्जित हैं ये चीजें?
दूधदूध का संबंध चंद्रमा और मां लक्ष्मी से माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रमा मन और लक्ष्मी धन का कारक हैं। सूर्यास्त के बाद दूध का दान करने से कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है और मां लक्ष्मी घर से विदा ले लेती हैं। धार्मिक मान्यता है कि शाम का समय देवी लक्ष्मी के आगमन का होता है, और उसी समय दूध किसी को देने का मतलब है अपनी बरकत को दूसरों को दे देना।

दहीदही का संबंध शुक्र ग्रह से है, जो भौतिक सुख-सुविधाओं और ऐश्वर्य के प्रतीक ग्रह माने जाते हैं। सूर्यास्त के बाद दही का दान करने से शुक्र देव नाराज भी हो सकते हैं, जिससे व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि की कमी होने लगती है और पारिवारिक कलह बढ़ती है। ऐसे में सूर्यास्त के बाद इसका दान करने से बचें।

नमक


नमक का लेन-देन सूर्यास्त के बाद सबसे हानिकारक माना गया है। नमक का संबंध राहु और शनि से भी जोड़ा जाता है। ऐसी मान्यता है कि शाम के बाद नमक दान करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है और व्यक्ति पर कर्ज का बोझ बढ़ सकता है। शास्त्रों के अनुसार, शाम को नमक देने से घर की बरकत रुक जाती है और दरिद्रता का वास होता है।
न करें ये काम
  • शाम के समय झाड़ू लगाना सबसे बड़ा वास्तु दोष माना जाता है। मान्यता है कि शाम को घर की गंदगी बाहर निकालने के साथ-साथ घर की लक्ष्मी भी बाहर चली जाती है।
  • शास्त्रों के अनुसार, गोधूलि बेला में सोना भाग्य के लिए हानिकारक है।
  • सूर्यास्त के बाद न तो तुलसी के पत्ते तोड़ने चाहिए और न ही उन्हें जल देना चाहिए।
  • शाम के समय घर की चौखट या दहलीज पर नहीं बैठना चाहिए।


Related Post

Advertisement

Tranding News

Get In Touch