राजनांदगांव: जनगणना 2027 के पहले चरण का काम पूर्ण हो चुका है। जिले में ग्रामीण व शहरी इलाके के उन भवन –मकानों की 100 प्रतिशत की गणना पूरी हो चुकी है जहां लोग निवासरत हैं। अब सिर्फ बंद मिले भवनों की गणना ही शेष है जो कि अब प्रगणकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। कहीं घरों पर ताले लटके मिले तो कहीं लोग कामकाज के कारण बाहर निकले हुए हैं। ऐसे में प्रगणक सुबह से शाम तक बार-बार घरों के चक्कर काट रहे हैं ताकि कोई परिवार सर्वे से छूट न जाए। 31 मई को सर्वे समाप्त हो रहा है जबकि प्रगणकों को दो जून तक सारा डेटा जमा करना है।
31 मई तक पहले चरण का काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था। प्रगणकों ने सात दिन पहले ही इसे पूर्ण कर लिया है। इसके लिए शहर से लेकर दूरस्थ गांवों तक प्रगणकों की टीमें लगातार जुटी रही है। भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच 2196 कर्मचारी घर-घर पहुंचकर मकानों और परिवारों की जानकारी एकत्र की गई है। जिले में करीब दो लाख 92 हजार 944 मकानों की गणना की गई है। इसके लिए 1608 गणना ब्लाक बनाए गए थे। इन सभी क्षेत्रों में सर्वे पूरा हो चुका है, लेकिन बंद घरों की वजह से कुछ जगहों पर काम अटका हुआ है। प्रगणकों को कई बार एक ही घर में दो-दो और तीन-तीन बार जाना पड़ रहा है। नगर निगम क्षेत्र में भी शत प्रतिशत कार्य हो चुका है। शहर में कई परिवार दिनभर घरों से बाहर रहते हैं, जिससे जानकारी जुटाने में परेशानी हो रही है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे अपेक्षाकृत तेजी से पूरा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र में मकान गणना का काम समाप्त हो चुका है।
घरों से जुटाई गई ये जानकारियां
सर्वे के दौरान मकान की स्थिति, दीवार और छत में इस्तेमाल सामग्री, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, बिजली, इंटरनेट, मोबाइल फोन और रसोई में उपयोग होने वाले ईंधन जैसी जानकारियां ली जा रही हैं। इसके अलावा परिवार की मूल सुविधाओं का विवरण भी दर्ज किया जा रहा है। मकानों की गणना पूरी होने के बाद अब प्रगणक मैपिंग और डाटा सत्यापन का काम कर रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि अंतिम समय में कोई घर या परिवार छूटने न पाए। यही वजह है कि बंद मकानों तक दोबारा पहुंचकर जानकारी जुटाने की कवायद तेज कर दी गई है।