राजनांदगांव: चौपाटी का लक्ष्मण झूला एक महीने से बंद है। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए निगम प्रबंधन ने इस बंद कर रखा है। दरअसल, इसके मूविंग केबल खराब हो चुके हैं। कई सालों से इन्हें बदला नहीं गया है। मेंटनेंस के अभाव में यह जर्जर होता जा रहा है। लंबे समय से इसकी मरम्मत की मांग की जाती रही है लेकिन इस ओर कोई प्रयास नहीं किए गए ।
जानकारी के अनुसार मई माह में मस्ती की पाठशाला का आयोजन शुरु किए जाने से पहले निगम अमले की नजर लक्ष्मण झूला पर पड़ी। देखा गया कि टेंशन वायर और मूविंग केबल की स्थिति कमजोर है। ऐसे में पहले आयोजन से पूर्व ही इसे दोनों ओर से बंद कर दिया गया। आशंका थी कि कमजोर केबल भीड़ का दबाव नहीं झेल पाएंगे जिसके चलते दुर्घटना भी हो सकती है। इसे देखते हुए लक्ष्मण झूला बंद कर दिया गया।
लक्ष्मण झूला वर्ष 2003-04 में लगाया गया था जिसे अब 13 वर्ष पूरे हो चुके हैं। बुधवार को ही इंजीनियरिंग टीम ने इसकी जांच की है। अब दिए गए इस्टीमेट की स्वीकृति के बाद ही इसकी मरम्मत शुरु हो पाएगी जिसमें अभी वक्त लगने की संभावना है। लक्ष्मण झूला बंद होने से सुबह चौपाटी में जुटने वाले लोगों को पुष्प वाटिका जाने के लिए लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है।
उद्यान को मरम्मत की जरुरत
लक्ष्मण झूला ही नहीं बल्कि पुष्प वाटिका और चौपाटी में मरम्मत की काफी जरुरत है। पिछले दो-तीन वर्षों से यहां टाय ट्रेन भी बंद पड़ी है। ओपन जिम के कई उपकरण खराब हो चुके हैं। इसके अलावा पाथ-वे और अन्य निर्माण कार्यों की भी जरुरत है। निगम उद्यानों की मरम्मत के लिए कई बार प्रस्ताव शासन को भेज चुका है लेकिन इसे स्वीकृति नहीं मिल रही है। गौरतलब है कि शहर में 58 उद्यान हैं जिनमें से अधिकतर मेंटनेंस के अभाव में उजाड़ हो रहे हैं। आनंद वाटिका तो पूरी तरह वीरान हो चुका है।
00 2017 में हुआ था हादसा
दिसंबर 2017 में चौपाटी का लक्ष्मण झूला टूट गया था। यह हादसा भी मस्ती की पाठशाला कार्यक्रम के दौरान ही हुआ था। डीजे की धुन पर इस लक्ष्मण झूला में थिरक रहे 70 से अधिक लोग सीधे पानी में जा गिरे थे। यह हादसा टेंशन वायर टूटने के कारण हुआ था। हादसे के बाद लंबे समय से इसका मेंटनेंस न किए जाने और जांच में उदासीनता के कारण सामने आए थे।
स्वीकृति के बाद मरम्मत होगी
लक्ष्मण झूला को एहतियातन बंद किया गया है। इंजीनियरिंग टीम ने जांच की है। उनके दिए स्टीमेट के अनुसार स्वीकृति के बाद इसकी मरम्मत की जाएगी। इन दिनों मस्ती की पाठशाला में काफी लोग आते हैं। इसलिए इसे बंद रखा गया है।
दीपक खांडे, कार्यपालन अभियंता, नगर निगम