राजनांदगांव : शहर कांग्रेस के पूर्व महामंत्री एवं पूर्व पार्षद ने राजनांदगांव जिले के कलेक्टर महोदय से यह मांग है कि जिस तरह नगर निगम राजनांदगांव में शासन के नियम विरूद्ध बेखौफ होकर कई अधिकारियों आदि के द्वारा जिस तरह भ्रष्टाचार करना और नियम विरूद्ध कार्य कर निगम के शासकीय कोष को आर्थिक वित्तीय हानि पहुंचाने वाले तत्कालीन प्रभारी लिपिक दुकान एवं सहायक ग्रेड-०३ श्री प्रकाश साहू और श्री सुरेन्द्र साव तात्कालिन प्रभारी राजस्व अधिकारी के द्वारा निगम स्वामित्व की ५० दुकानों में से ४७ दुकानों की निलामी से अनुबंध नही कराने के कारण शासकीय कोष को ३८ लाख ६७ हजार ६५३ रूपयें की आर्थिक क्षति पहुंची जिसके लिये कलेक्टर के निर्देश पर निगम आयुक्त के द्वारा जांच अधिकारी श्री यू.के. रामटेके कार्यपालन अभियंता वर्तमान में संविदा कार्यपालन अभियंता एवं भवन नजूल प्रभारी अधिकारी सहित ३ सदस्य एवं एक प्रस्तुतकर्ता अधिकारी की नियुक्ति दिनांक २८/०८/२०२३ को निगम के तात्कालिन आयुक्त के हस्ताक्षर से जो समिति बनाई गई और १५ दिवस के भीतर तथ्यों की जांच कर कार्यवाही का आदेश दिया गया और जांच समिति के अधिकारियों के द्वारा जो जांच प्रतिवेदन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई जिसमें इन दोनों अधिकारी श्री सुरेन्द्र साव और प्रकाश साहू को निगम को आर्थिक क्षति पहुंचाने का दोषी माना गया और दोनों कर्मचारियों की एक-एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने का आदेश निगम के तात्कालिन आयुक्त श्री अभिषेक गुप्ता जी के द्वारा दिनांक १४/०५/२०२४ को कार्यालयीन पत्र क्रमांक १०६०/स्था./२०२४-२५ को जारी किया गया वही जब ३८ लाख ६७ हजार ६५३ रूपये की आर्थिक वित्तीय हानि की वसूली का खुलासा निगम आयुक्त/जांच अधिकारी श्री यू.के. रामटेके एवं प्रस्तुतकर्ता अधिकारी श्री राजकुमार बंजारे के द्वारा संबंधित जांच निगम आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत कब की गई और निगम आयुक्त के कानूनी अधिकार में शासन द्वारा राशि वसूली किये बिना उक्त दोषी अधिकारियों की ३८ लाख ६७ हजार ६५३ रूपयें की राशि माफ करने का अधिकार क्या निगम आयुक्त के पास है ? और जब राशि का निराकरण नही हुआ तो फिर वर्तमान संविदा कार्यपालन अभियंता एवं तात्कालिन जांच अधिकारी श्री यू.के. रामटेके और प्रस्तुतकर्ता अधिकारी श्री राजकुमार बंजारे एवं निगम की महापौर परिषद् के द्वारा श्री प्रकाश साहू की पदोन्नति के संबंध में जो संकल्प पारित किया जो कि शासन के नियम विरूद्ध है और इसलिये राजनांदगांव जिले के कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव जी से चाहूंगा की जनहित और शासनहित में निगम के संविदा अधिकारी एवं कार्यपालन अभियंता श्री यू.के. रामटेके और जांच रिपोर्ट प्रस्तुतकर्ता अधिकारी श्री राजकुमार बंजारे आदि के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाते हुए तत्काल श्री प्रकाश साहू की पदोन्नति को निरस्त करते हुए यह संपूर्ण राशि सभी दोषियों से वसूल की जाये और निगम आयुक्त के द्वारा जो इनकी एक वेतन वृद्धि रोकने का आदेश जारी किया गया था वह वेतन वृद्धि रोकी गई है या नही उसकी जांच एवं इनके सेवा पुस्तिका में इंद्राज हुआ है या नही उसकी भी जांच करवाकर नवनियुक्त निगम आयुक्त को हस्ताक्षर होश में करवाए क्योंकि जिस पॉवरफूल जनप्रतिनिधि के आगे पीछे घूमकर नियमों के विरूद्ध कई फाइलों को बिना पढ़े जो चिढिय़ा जी.आर. मरकाम बैठा रहे है? और कितनी फाइलों में इसी तरह की चिडिय़ा बैठ चुकी है? निगम आयुक्त इसे गंभीरता से लें और निगम आयुक्त के द्वारा दिनांक ०७/०९/२०२६ को कार्यालयीन पत्र क्रमांक ६३० श्री प्रकाश साहू को पदोन्नति/कमोन्नति का लाभ दिये जाने का जो आदेश जारी किया गया है उस आदेश को तत्काल निरस्त करते करतें हुए शासन के नियमों के अनुसार कार्यवाही करें।