राजनांदगांव: गो हत्या और गोमांस की बिक्री के उजागर होने के बाद शहरवासी सकते में है। वह लोग जो चिकन और मटन अब तक चाव से खाते आ रहे थे, उन्हें भी अब चिकन-मटन सेंटरों पर भरोसा नहीं रह गया है। गोमांस के मामले में गौरीनगर के जिस चिकन सेंटर संचालक आरिफ कुरैशी को गिरफ्तार किया गया है, उससे भी कई लोगों ने चिकन-मटन खरीदा था। ऐसे लोग अब शंका और ग्लानि से घिरे हुए हैं। इस पूरे मामले के बाद पूरे शहर में चिकन-मटन सेंटरों की जांच और आरोपितों से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।
पुलिस ने प्रकरण में अब तक चार महिलाओं, एक किशोरी सहित कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनमें से पांच गो हत्या करने वाले मुख्य आरोपित हैं। शेष गो मांस खरीदार हैं। पुलिस सूत्र बता रहे हैं कि मामले में अब भी कुछ लोगों की तलाश जारी है। इनमें से कुछ शहर के भीतर ही चिकन-मटन सेंटर का संचालन करते हैं। मामला फूटने के बाद से उन्हें फरार बताया जा रहा है। बता दें कि आरोपित 300 रुपये किलो में गोमांस बेचते थे।
मुख्य आरोपित कनवा के सारे कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार कनवा लंबे समय से गोमांस सप्लाई करने का काम कर रहा है। वह नागपुर से मांस लाकर यहां सेंटरों के संचालक और दूसरे खरीदारों तक पहुंचाता था। शहर में गो हत्या की जांच में उसका भांडा फूटने के बाद पूरा गिरोह सामने आया है।
आरोपितों के घर चले चले बुलडोजर - हिंदू संगठन
गौरीनगर में गोहत्या और गोमांस बिक्री के मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने मोर्चा खोल दिया है। संगठनों ने सोमवार को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर 10 मांगें रखीं। इनमें गोहत्या और गोमांस की खरीद-बिक्री में संलिप्त लोगों के मोबाइल नंबरों की जांच, गिरोह के अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। संगठनों ने संबंधित लोगों के मकान-दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई, बैंक खाते सील करने और आय के स्रोतों की जांच की भी मांग रखी है। तीन दिन के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर शहर बंद, राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम और छत्तीसगढ़ बंद कराने की चेतावनी दी है। गौरीनगर क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों और किरायेदारों का भौतिक सत्यापन कराने, नशीले पदार्थों और गोलबाजार के मटन मार्केट को पूरी तरह बंद कराने की मांग भी शामिल है।