राजनांदगांव: दीपावली की दस्तक के साथ ही सराफा बाजार में सोने-चांदी की चमक चरम पर पहुंच गई है। धनतेरस पर शुभ खरीदारी की परंपरा के चलते बाजार में रौनक बढ़ गई है। सोने के दामों में रिकार्ड तोड़ उछाल के बावजूद ग्राहकों का उत्साह कम नहीं हुआ है। लोग अपनी पसंद और बजट के अनुसार सोना, चांदी, हीरे, कुंदन और पोल्की के आभूषणों की खरीदारी की तैयारी में जुटे हैं। सराफा कारोबारियों को इस धनतेरस पर पिछले साल की तुलना में बिक्री में 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद है। धनतेरस छह नवंबर को है। धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि इस अवसर पर आभूषणों के साथ चांदी के सिक्के, बर्तन और देवी-देवताओं की मूर्तियों की भी मांग रहती है। सोने-चांदी के गहनों को जहां लोग निवेश और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा से जोड़कर देखते हैं, वहीं हीरे और कुंदन की ज्वेलरी आकर्षक डिजाइन और पारंपरिक खूबसूरती के कारण पसंद की जा रही है।
बदलते फैशन के साथ आभूषणों की पसंद भी बदल रही है। महावीर ज्वेलर्स के संचालक ऋषभ गोलछा ने बताया कि युवा वर्ग भारी गहनों के बजाय हल्के और स्टाइलिश डिजाइनों को प्राथमिकता दे रहा है। वहीं पारंपरिक लुक के लिए कुंदन और पोल्की सेट एक बार फिर फैशन में अपनी जगह बना रहे हैं। ऐसे मल्टी-यूज आभूषणों की मांग भी बढ़ी है, जिन्हें अलग-अलग अवसरों पर विभिन्न तरीकों से पहना जा सके।
हार से लेकर सिक्कों तक की मांग
गहना ज्वेलर्स के संचालक ज्ञानेश जैन ने बताया कि धनतेरस को देखते हुए बाजार में हार, कंगन, अंगूठी, मांग टीका, नथ, सिक्के, चांदी के बर्तन, देवी-देवताओं की मूर्तियों और विभिन्न प्रकार के गहनों की मांग बनी हुई है। इसके अलावा शादी-विवाह में पहने जाने वाले भारी सेट, हीरे के आभूषण तथा कुंदन-पोल्की ज्वेलरी भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही है। महंगी कीमतों के बावजूद बाजार में बनी खरीदारी की उत्सुकता से व्यापारियों को इस बार अच्छे कारोबार की उम्मीद है।