May 27, 2026


डीजल की आग से माल भाड़ा होगा 100 रुपये महंगा

आटो-बस आपरेटरों ने भी बढ़ाया किराया,सबकी जेब पर असर


 

राजनांदगांव: एक माह के भीतर पेट्रोल-डीजल की कीमत में चौथी बार वृद्धि हुई है। पेट्रोल प्रति लीटर 109 तो डीज 103 रुपये पहुंच गया है। लगातार बढ़ रही पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम लोगों से लेकर व्यापार, परिवहन, कृषि और छोटे उद्योगों तक सभी सेक्टरों की चिंता बढ़ा दी है। ईंधन महंगा होने के कारण जिले में यात्री बसों, ट्रकों और मालवाहक वाहनों के भाड़े में प्रति किलोमीटर 10 से रुपये की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। वहीं माल भाड़े में प्रति क्विंटल 100 रुपये की वृद्धि हो ने वाली है। इसका सीधा असर बाजार और लोगों के दैनिक खर्च पर पड़ रहा है। हालांकि बड़े ट्रांसपोर्टरों ने माल भाड़ा ढुलाई में अभी वृद्धि नहीं की है। लेकिन रविवार को होनी वाली बैठक के बाद प्रति किमी वृद्धि होना तय माना जा रहा है।

व्यापारियों ने बताया कि दिल्ली, नागपुर, कलकत्ता व अन्य राज्यों से आने वाले सामान में प्रति क्विंटल 100 रुपये की वृद्धि हुई है। प्रति प्रति क्विंटल 260 रुपये लगता था, लेकिन कुछ दिनों से 370 रुपये लग रहा है। यहीं नहीं राजनांदगांव से रायपुर, दुर्ग, कवर्धा, डोंगरगढ़ और महाराष्ट्र सीमा तक चलने वाले परिवहन साधनों का संचालन खर्च लगातार बढ़ रहा है। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े रणजीत सिंह, कमलेश सिन्हा ने बताया कि डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण वाहन मालिकों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। फल-सब्जी, किराना, दूध, सीमेंट, लोहे और निर्माण सामग्री जैसी आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई महंगी हो गई है।

डीजल की बढ़ी कीमत ने महंगा किया सफर

पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर अब बस किराए पर देखने को मिल रहा है। राजनांदगांव सहित आसपास के क्षेत्रों में बस संचालकों ने किराए में 10 से 15 रुपये तक की वृद्धि कर दी है, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। दुर्ग, भिलाई, रायपुर, खैरागढ़, कवर्धा, चिचोला, छुरिया, डोंगरगढ़, बालोद, दल्ली राजहरा और धमतरी रूट पर चलने वाली बसों में यह बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। यात्रा शुल्क में वृद्धि का कारण पेट्रोल-डीजल के बढ़े दाम को बताया जा रहा है। पेट्रोल-डीजल के दाम में प्रति लीटर करीब पांच रुपये की वृद्धि की गई है। यात्रा शुल्क बढ़ने के कारण नियमित दैनिक यात्रियों की भी परेशानी बढ़ गई है। बस संचालकों ने अलग-अलग रुटों के लिए अलग-अलग यात्रा शुल्क निर्धारित कर रखे हैं। लेकिन बीते तीन दिनों से यात्रियों से देख-देखकर शुल्क लिया जा रहा है। अर्थशास्त्री डा.आरएन सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, पश्चिम एशिया में तनाव और रुपये की कमजोरी के कारण ईंधन कीमतों में तेजी बनी हुई है। यदि स्थिति लंबे समय तक जारी रही तो महंगाई और बढ़ सकती है।


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