हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को सभी व्रतों में सबसे फलदायी माना गया है। हिंदू धर्म में पौष पुत्रदा एकादशी का बड़ा महत्व है। साल 2025 की अंतिम पुत्रदा एकादशी 30 दिसंबर 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और दान का विधान है। अक्सर लोग पुण्य फल पाने के लिए किसी भी वस्तु का दान कर देते हैं, लेकिन एकादशी जैसी पवित्र तिथि पर कुछ ऐसी वस्तुएं हैं, जिनका दान गलती से भी नहीं करना चाहिए। आइए उनके बारे में जानते हैं।
बासी या जूठा खानादान हमेशा पवित्र होना चाहिए। एकादशी पर किसी को बासी, खराब या अपने घर का बचा हुआ खाना दान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से माता अन्नपूर्णा और भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं। साथ ही इससे घर में दरिद्रता आती है।
फटे-पुराने वस्त्रअक्सर लोग घर की सफाई करते समय फटे-पुराने कपड़े दान कर देते हैं। एकादशी के दिन किसी जरूरतमंद को ऐसे वस्त्र देना जो पहनने लायक न हों, यह आपके भाग्य को कमजोर करता है। दान हमेशा अच्छे और साफ-सुथरे वस्त्रों का करना चाहिए। वरना इससे राहु के नकारात्मक प्रभाव बढ़ते हैं।
प्लास्टिक या लोहे की वस्तुएंएकादशी भगवान विष्णु की प्रिय तिथि है। इस दिन लोहे का दान या प्लास्टिक से बनी वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए। इससे कामों में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।
तीखे और नुकीली चीजेंइस तिथि पर चाकू, कैंची या अन्य नुकीली वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए। इससे घर के सदस्यों के बीच कलह और विवाद पैदा हो सकता है।
इस्तेमाल की हुई चीजेंदान में हमेशा नई और पवित्र चीजों का करना चाहिए। इस्तेमाल की गई चीजों का दान करने से पुण्य फल नष्ट हो जाता है और जीवन में मानसिक अशांति बढ़ती है।
दान करते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान
क्या दान करना होता है शुभ?पौष पुत्रदा एकादशी पर पीले रंग के वस्त्र, केले, केसर, चने की दाल, गुड़ और पीले फूल का दान करना बहुत शुभ होता है। इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है और संतान पक्ष से जुड़ी सभी मुश्किलें दूर होती हैं।