राजनांदगांव: फारेक्स ट्रेडिंग में जमापूंजी गंवाने वाले 10 राज्यों के निवेशकों के 24 जुलाई की सुबह अचानक डोंगरगढ़ पहुंचने से हड़कंप मच गया। राजफाश हुआ कि नगर के कुछ व्यक्तियों ने लान्ग एशिया के नाम पर फारेक्स ट्रेडिंग शुरु की और इसमें निवेश करवाने के बाद रफूचक्कर हो गए। इसके बाद सभी निवेशकों ने एक दूसरे से बातचीत के बाद डोंगरगढ़ आने का फैसला लिया और एक साथ यहां आ धमके। इस पूरे मामले में 100 करोड़ से अधिक की ठगी की आशंका जाहिर की जा रही है। प्रकरण की शिकायत डोंगरगढ़ पुलिस से की गई है जिस पवर जांच शुरु हो गई है। मामले में जल्द ही एफआइआर की संभावना है।
बीते शुक्रवार को इस मामले में देश के विभिन्न राज्यों से आए 100 से अधिक निवेशकों ने रेलवे चौक स्थित वेसलियन चर्च के पास एक मकान के बाहर एकत्र हुए। अचानक बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ देर के लिए सड़क पर जाम जैसी स्थिति भी निर्मित हो गई। सूचना मिलते ही डोंगरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर स्थिति सामान्य कराई।
नागपुर से आए निवेशकों ने बताया कि यहां के कुलजीत सिंह भाटिया, जोगेंद्र वर्मा, अभय कुनले और मयंक सहित कुछ लोगों ने लान्ग एशिया नामक आनलाइन फारेक्स ट्रेडिंग प्लेटफार्म के जरिए उनसे करोड़ों रुपये की कथित ठगी की है। वे यहां उनसे मिलकर बातचीत करने आए थे लेकिन संबंधित व्यक्ति नहीं मिले। पीड़ितों के अनुसार फरवरी 2026 से प्लेटफार्म में भुगतान बंद कर दिया। इसके बाद निवेशकों की रकम फंस गई। निवेशकों का दावा है कि इस नेटवर्क में पांच लोग सक्रिय हैं और देशभर के कई हजार निवेशक प्रभावित हुए हैं।
संदिग्ध है आरोपितों की प्रोफाइल
बताया जा है कि निवेशक जिन पर आरोप लगा रहे हैं उनकी प्रोफाइल भी संदिग्ध है। दो वर्ष पहले तक जो साधारण जीवन जी रहे थे वे अचानक लग्जरी कार में सवार हो गए। आरोपितों के घर टाइल्स-मार्बल से चमकने लगे और उनकी पूरी लाइफस्टाईल ही बदल गई। मौके पर मौजूद निवेशकों ने बताया कि वे पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश सहित करीब 10 राज्यों से डोंगरगढ़ पहुंचे थे। उनका आरोप है कि आनलाइन बैठकों, इंटरनेट मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों से लोगों को फारेक्स ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाकर निवेश कराया गया।
क्या है फारेक्स ट्रेडिंग?
फारेक्स ट्रेडिंग का मतलब विदेशी मुद्राओं, जैसे डालर, यूरो या पाउंड की खरीद-बिक्री करना है। इसमें मुद्रा की कीमत बढ़ने या घटने पर लाभ कमाने का प्रयास किया जाता है। यह दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय बाजार है, लेकिन इसमें जोखिम भी काफी अधिक होता है। भारत में फारेक्स ट्रेडिंग केवल आरबीआइ और सेबी के नियमों के तहत अधिकृत प्लेटफार्म पर ही वैध है।