राजनांदगांव: डोंगरगढ़ के 111 भाजपाईयों ने मंडल अध्यक्ष जसमीत सिंह बन्नोआना पर पूर्व विधायक रामजी भारती व अन्य व्यापारियों के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वालों में बूथ अध्यक्ष, पूर्व पार्षदों से लेकर संगठन के दशकों से सक्रिय कार्यकर्ता भी शामिल हैं।
यह इस्तीफा जिला अध्यक्ष को 27 जुलाई को भेजा गया है। कोमल सिंह राजपूत के अध्यक्ष बनने के बाद संगठन का यह सबसे बड़ा घटनाक्रम बनकर सामने आया है जिसे लेकर संगठन में हलचल है। इन इस्तीफों पर संगठन ने भी कड़ा रुख दिखाया है। जिला अध्यक्ष ने कहा कि अनुशासनहीनता का प्रदर्शन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस इस्तीफे में पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष प्रिंस सिंह कक्कड़, पूर्व मंडल महामंत्री संतोष राव, पूर्व सांसद प्रतिनिधि परविंदर सिंह मोंटी, पूर्व मंडल मंत्री वीरेन्द साहू भी शामिल हैं। इन चारों को भाजपा जिला अध्यक्ष ने 14 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। आरोप थे कि उक्त चारों नेताओं ने भाजपा पदाधिकारियों के विरुद्ध इंटरनेट मीडिया में लिखा था। इसे अनुशासनहीनता ठहराते हुए नोटिस जारी किया गया था। इसके जवाब पर कार्रवाई की खबर आने से पहले ही मंडल में थोक में इस्तीफे सामने आ गए हैं।
दो वर्ष से चल रही खिंचतान
भाजपा के डोंगरगढ़ मंडल में अंदरुनी राजनीतिक खींचतान दो वर्ष से जारी है। जसमीत सिंह बन्नोआना के अध्यक्ष बनने के बाद से ही कई नामों को किनारे किया जाता रहा। आरोप लगे कि पूर्व विधायक विनोद खांडेकर के गुट के लोगों को भी निशाना बनाया गया। बन्नोआना के निर्णयों में पूर्व विधायक रामजी भारती के दखल की शिकायतें आती रहीं। कई बार यह शिकायत संगठन के सामने रखी गई। मंडल की बैठकों में कई बार विवाद भी उपजा। लेकिन मामला खत्म होने की बजाए बढ़ता चला गया और इसकी भड़ास इंटरनेट मीडिया पर दिखने लगी। अंतत: आज 111 भाजपाईयों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया।