हिंदू धर्म में गंगा सप्तमी का दिन बेहद पवित्र और कल्याणकारी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को ही मां गंगा स्वर्ग लोक से भगवान शिव की जटाओं में समाई थीं। इसलिए इस दिन को गंगा जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। गंगा और शिव का संबंध अटूट है, इसीलिए गंगा सप्तमी पर शिवलिंग का विशेष अभिषेक करने से साधक को न केवल शिव जी की, बल्कि मां गंगा की भी कृपा मिलती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में शिवलिंग पूजन के जरूरी नियम जानते हैं।
शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये 5 चीजें
विधि
सुबह स्नानादि के बाद साफ वस्त्र धारण करें। मंदिर या घर के शिवलिंग के सामने उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। सबसे पहले जल से, फिर पंचामृत से और अंत में शुद्ध गंगाजल की धार बनाते हुए महादेव का अभिषेक करें।
मंत्र
दान का महत्व
गंगा सप्तमी पर पूजा के बाद ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को जल, सत्तू और फल का दान करें। ऐसा करने से पूजा का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। साथ ही शिव कृपा हमेशा के लिए प्राप्त होती है।