August 23, 2025


छत्तीसगढ़ में गौधाम योजना को मिली स्वीकृति : अशोक देवांगन

यह योजना प्रदेश की संस्कृति और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखेगी

*राजनांदगांव :- छत्तीसगढ़ शासन के पशुधन विकास विभाग ने प्रदेशभर में गौधाम योजना को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब निराश्रित, घुमंतु और जप्त गौवंशीय पशुओं के संरक्षण, संवर्धन और पुनर्वास के लिए शासकीय भूमि पर आधुनिक गौधाम स्थापित किए जाएंगे। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना से न केवल पशुओं की देखभाल सुनिश्चित होगी। बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार, चारा उत्पादन और गौ-आधारित उद्योगों को भी नई गति मिलेगी।

इस ऐतिहासिक निर्णय पर भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक देवांगन ने खुशी जताते हुए कहा कि गौधाम योजना केवल पशुओं के संरक्षण तक सीमित नहीं है बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने का माध्यम बनेगी। यह योजना छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और ‘गौसेवा’ की भावना का जीवंत प्रतीक है।

 क्या है गौधाम योजना?*

प्रत्येक गौधाम में अधिकतम 200 गौवंशीय पशुओं को रखने की व्यवस्था होगी। स्थानीय निकायों और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से गौधामों का संचालन किया जाएगा।पशुओं के लिए दाना-पानी, स्वास्थ्य सुविधा, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और बधियाकरण की व्यवस्था अनिवार्य होगी। गौधाम को प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ जैविक खाद, गोबर–गोमूत्र आधारित उत्पाद, गौकाष्ठ, अगरबत्ती, दीया आदि बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। चारा विकास के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी और वैज्ञानिक पद्धति से चारागाह तैयार किए जाएंगे।

 वित्तीय प्रावधान*

योजना में वित्तीय सहयोग का विस्तृत प्रावधान किया गया है। पहले वर्ष पशुओं के पोषण हेतु ₹10 प्रतिदिन प्रति पशु अनुदान दिया जाएगा। यह राशि दूसरे वर्ष ₹20, तीसरे वर्ष ₹30 और चौथे वर्ष ₹35 प्रतिदिन प्रति पशु तक बढ़ा दी जाएगी। प्रत्येक गौधाम में चरवाहा और गौसेवक नियुक्त होंगे, जिन्हें शासन द्वारा तय न्यूनतम वेतनमान के अनुसार मानदेय मिलेगा।नस्ल सुधार कार्यक्रम हेतु विशेष रूप से राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत तकनीक का उपयोग किया जाएगा।अधोसंरचना विकास हेतु ₹5 लाख तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा संबल*

अशोक देवांगन ने कहा कि गौधाम योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन होगा। गोबर और गोमूत्र से बनने वाले जैविक खाद, कीटनाशक, ऊर्जा उत्पाद और अन्य गौ-आधारित वस्तुओं से किसानों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही गौधामों में होने वाला प्रशिक्षण युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि “यह योजना किसानों के लिए दोहरी राहत लेकर आएगी। एक ओर खेतों को आवारा पशुओं से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा, दूसरी ओर गौधामों से तैयार जैविक खाद और गो-उत्पाद किसानों को सस्ती दर पर उपलब्ध होंगे। इससे खेती किसानी की लागत कम होगी और उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ेगी।”

सड़क दुर्घटनाओं में कमी*

प्रदेश में बड़ी संख्या में निराश्रित और घुमंतु पशु सड़कों पर घूमते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। गौधाम योजना से इन पशुओं का पुनर्वास सुनिश्चित होगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। अशोक देवांगन ने कहा कि यह योजना मानव और पशु दोनों की सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

भाजपा की प्रतिबद्धता*

अशोक देवांगन ने मुख्यमंत्री और पशुधन विकास विभाग को बधाई देते हुए कहा कि भाजपा हमेशा से गौ-सेवा और ग्रामीण विकास की पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि गौधाम योजना छत्तीसगढ़ की अस्मिता और संस्कृति को संरक्षित करने का कार्य करेगी। यह योजना आने वाले समय में प्रदेश को पूरे देश में गौ-आधारित अर्थव्यवस्था का आदर्श मॉडल बनाएगी। भाजपा इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु शासन-प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।


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