आरंग : रायपुर से सटे मंदिरहसौद क्षेत्र से 22 मई से लापता युवक भुवनेश्वर यादव की गुमशुदगी का पुलिस द्वारा किए गए खुलासे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मामूली पानी के लेनदेन के विवाद में युवक की हत्या कर दी गई और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को महासमुंद जिले में महानदी किनारे रेत में दफना दिया गया। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर साय सरकार पर तीखा हमला बोला है।
डॉ. डहरिया ने घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा शासन में अपराधियों के हौसले बुलंद हो चुके हैं। उन्हें न पुलिस का भय है और न कानून का डर। उन्होंने कहा कि जो जघन्य घटनाएं पहले केवल महानगरों में सुनने को मिलती थीं, अब वे छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों तक पहुंच चुकी हैं। मंदिरहसौद और आरंग जैसे शांत क्षेत्र आज अपराध की घटनाओं से दहशत में हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में राजनीतिक संरक्षण की बात भी सामने आ रही है, जो बेहद चिंताजनक है। डॉ. डहरिया ने कहा कि सरकार के खिलाफ माहौल बिगड़ता देख अपराधियों का सत्ताधारी दल की शरण में जाना और भाजपा से जुड़े नामों का सामने आना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जब अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने लगे तो कानून का भय समाप्त होना स्वाभाविक है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि पुलिस तकनीकी जांच और औपचारिक कार्रवाई कर रही है, लेकिन अपराध रोकने की सरकार की इच्छाशक्ति कमजोर पड़ चुकी है। उन्होंने गृह विभाग पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विभाग पूरी तरह निष्क्रिय नजर आ रहा है।
घटना के बाद भुवनेश्वर यादव के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। डॉ. शिवकुमार डहरिया ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मांग की कि इस हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को बिना किसी राजनीतिक दबाव के कठोरतम सजा दी जाए। उन्होंने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को जल्द सजा मिलनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश की शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई ऐसी वारदात करने की हिम्मत न जुटा सके।