बरसात का मौसम भले ही आ गया है, इसकी गर्मी और उमस अभी भी परेशानी बनी हुई है। ऐसे में पानी की कमी या उमस की वजह से ज्यादा पसीना निकलने से डिहाइड्रेशन की शिकायत हो जाती है। ऐसे में अगर कोई दिनभर में पर्याप्त पानी नहीं पीता, तो उसकी सेहत पर काफी बुरा असर पड़ सकता है।
वैसे दिनभर में कितना पानी पीना सही है, आपकी दिनचर्या और एक्टिविटी पर भी निर्भर करता है लेकिन तय मात्रा से कम पानी पीने पर शरीर सही तरीके से फंक्शन नहीं कर पाता है। यहां तक कि हार्ट पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। अगर दिन के समय आप किसी भी कारण से पर्याप्त फ्लूइड नहीं ले पाते हैं, तो रात में कई तरीकों से उस कमी को पूरा किया जा सकता है।
डिहाइड्रेशन से ये हो सकती है परेशानी
डिहाइड्रेशन की वजह से सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या हो सकती है।
एकाग्रता में कमी, याद्दाश्त कम हो जाना, थकान या चिंता महसूस हो सकती है।
कॉन्स्टिपेशन की समस्या हो सकती है।
स्किन में रूखापन या होंठ का फटना।
यूरीन का रंग बदल जाता है और यूरीन इन्फेक्शन का खतरा भी हो सकता है।
कम पानी पीने से मसल्स और जोड़ों में दर्द महसूस हो सकता है।
कई बार पानी की कमी धड़कनों को भी अनियमित कर देती है।
सिर्फ पानी से ही नहीं मिलता हाइड्रेशन
हाइड्रेट रहने का मतलब दिनभर सिर्फ पानी पीना ही नहीं है। अगर आप किसी भी अन्य रूप में फ्लूइड या तरल चीजें लेते हैं तो भी इसका कोटा पूरा किया जा सकता है। जैसे खीरा, टमाटर, अंगूर, तरबूज, शिमला मिर्च, संतरा जैसे फल और सब्जियों के साथ-साथ दही, सूप और स्मूदी भी पानी की कमी को पूरा कर सकते हैं।