महासमुंद : मुख्यमंत्री जनदर्शन पोर्टल पर प्राप्त शिकायत को संज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य विभाग, राजस्व प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने सरायपाली के झिलमिला चौक स्थित एक कथित अवैध क्लीनिक पर कार्रवाई की। निरीक्षण के बाद संबंधित क्लीनिक को विधिवत सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान अवधिपार (एक्सपायरी) दवाइयां एवं मरीजों के उपचार में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न चिकित्सकीय उपकरण भी बरामद किए गए।
प्राप्त शिकायत के अनुसार, झिलमिला चौक स्थित राकेश मेडिकल से संबद्ध होकर विनायक पणिग्रही द्वारा कथित रूप से बिना वैध चिकित्सकीय डिग्री अथवा आवश्यक प्रमाण-पत्र के क्लीनिक संचालित किए जाने की शिकायत की गई थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. सिंह कुशवाहा के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर औचक निरीक्षण किया।
जांच दल में जिला नोडल अधिकारी (नर्सिंग होम एक्ट) डॉ. वी. पी. सिंह, सहायक नोडल अधिकारी डॉ. केशव चंद्र साहू तथा जिला समन्वयक (आयुष्मान भारत) श्री पृथ्वी साहू शामिल थे। निरीक्षण के दौरान क्लीनिक में चिकित्सकीय अर्हता से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई तथा उपचार में उपयोग की जा रही दवाइयों एवं उपकरणों का अवलोकन किया गया। जांच के दौरान अवधिपार दवाइयां और उपचार संबंधी उपकरण मिलने पर इसकी सूचना तत्काल सीएमएचओ को दी गई। इसके बाद अनुविभागीय दंडाधिकारी, सरायपाली के आदेशानुसार राजस्व एवं पुलिस विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, हल्का पटवारी तथा पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार कर संबंधित क्लीनिक को सील किया गया। मामले में नर्सिंग होम एक्ट सहित लागू प्रावधानों के तहत आगामी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. सिंह कुशवाहा ने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना आवश्यक चिकित्सकीय अर्हता के उपचार करना तथा अवधिपार दवाइयों का उपयोग करना जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। जिले में इस प्रकार की अनियमितताओं के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।