राजनांदगांव: रेलवे स्टेशन में बुधवार को जिला पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), जीआरपी और रेलवे विभाग की संयुक्त टीम ने व्यापक माक ड्रिल कर आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी परखी। इस दौरान स्टेशन परिसर, प्लेटफार्म और ट्रेनों में सघन जांच अभियान चलाया गया। संयुक्त अभ्यास में भगदड़ जैसी स्थिति, यात्रियों के अचानक बेहोश होने और संदिग्ध लावारिस बैग मिलने जैसी परिस्थितियों का वास्तविक अभ्यास किया गया।
माक ड्रिल के दौरान मुंबई से भुवनेश्वर जाने वाली लोकमान्य तिलक स्पेशल ट्रेन तथा बिलासपुर से दिल्ली जाने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की सुरक्षा जांच की गई। स्टेशन परिसर में यात्रियों की आवाजाही, प्लेटफार्म की निगरानी और संदिग्ध वस्तुओं की जांच पर विशेष फोकस रखा गया।
संयुक्त माक ड्रिल में रक्षित निरीक्षक लोकेश कसेर, कोतवाली थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार, बसंतपुर थाना प्रभारी एमन साहू, लालबाग थाना प्रभारी रमेश पटेल, तुमड़ीबोड़ चौकी प्रभारी दिलीप पटेल, रेलवे सुरक्षा बल प्रभारी तरुणा साहू, जीआरपी जनक लाल तिवारी सहित रेलवे विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
लोगों को प्लेटफार्म से बाहर निकाला
अभ्यास के दौरान स्टेशन पर अत्यधिक भीड़ होने की स्थिति निर्मित कर पुलिस, आरपीएफ और जीआरपी की टीमों ने त्वरित भीड़ नियंत्रण किया। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ ही फुट ओवर ब्रिज और आपातकालीन निकासी मार्गों के माध्यम से व्यवस्थित तरीके से बाहर निकाला गया। पूरे घटनाक्रम को नियंत्रित और शांतिपूर्ण तरीके से संचालित किया गया।
बीडीडीएस और डाग स्क्वायड ने की जांच
माक ड्रिल में सुरक्षा घेराबंदी, संदिग्ध वस्तु जांच, बचाव कार्यवाही और आपात प्रतिक्रिया का समन्वित अभ्यास किया गया। बीडीडीएस टीम और डाग स्क्वायड ने भी संदिग्ध वस्तुओं की जांच की। संयुक्त अभ्यास में सभी विभागों ने त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर तालमेल का प्रदर्शन किया। अभ्यास के दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें व्यवस्थित तरीके से चेकिंग के बाद आगे भेजा गया।