बरसाने की प्रसिद्ध लठमार होली देखने के लिए न केवल देश से बल्कि विदेशों से भी पर्यटक आते हैं. अगर आप इस अनोखे त्योहार का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो 7-8 मार्च 2025 को बरसाना पहुंचकर ब्रज की रंगीन संस्कृति और उत्साह का आनंद ले सकते हैं.
इस वर्ष, यह उत्सव 8 मार्च 2025 को धूमधाम से मनाया जाएगा. इससे एक दिन पहले, 7 मार्च 2025 को श्रीजी मंदिर में लड्डू होली का आयोजन होगा. यह उत्सव होली से पहले ब्रज क्षेत्र में मनाए जाने वाले खास पर्वों में से एक है, जिसमें हजारों श्रद्धालु और पर्यटक भाग लेते हैं.
क्या है लठमार होली? :-
लठमार होली की अनूठी परंपरा राधा-कृष्ण की प्रेम लीलाओं से जुड़ी हुई है. मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण अपने सखाओं के साथ नंदगांव से बरसाना आते थे और राधा एवं उनकी सखियों के साथ हंसी-मजाक और रंगों से होली खेलते थे.
इस दौरान बरसाना की महिलाएं (हुरियारिन) नंदगांव के पुरुषों (हुरियारे) को लाठियों से हल्के-फुल्के अंदाज में मारती हैं, और पुरुष इन प्रहारों से बचने का प्रयास करते हैं. यह परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जाती है, और हर साल हजारों लोग इसे देखने के लिए यहां आते हैं.
लड्डू होली का महत्व :-
लठमार होली से एक दिन पहले, लड्डू होली का आयोजन होता है, जिसमें श्रद्धालु एक-दूसरे पर लड्डू बरसाकर खुशियां मनाते हैं. यह उत्सव श्रीजी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ शुरू होता है.