गुड़हल :- का पौधा आमतौर पर लगभग सभी घरों में होता है। तमाम तरह के पोषक तत्वों से भरपूर इस पौधे की खूबसूरत फूलों का उपयोग लोग पूजा-पाठ से लेकर औषधी और ब्यूटी ट्रीटमेंट तक कई चीजों के लिए करते हैं। गुड़हल के फूल दिखने में बेहद खूबसूरत होते हैं, साथ ही यदि इसके पौधे स्वस्थ हो तो इसमें खूब सारी कलियां और फूल खिलते हैं। वहीं इसके पौधे में बीमारियां भी बहुत जल्दी लगती है।
बता दें कि गुड़हल के पौधे में सफेद कीड़े, मैनी, पत्तों का पीला होना और कलियों का पीला होकर गिर जाने समेत कई तरह की बीमारियों के चलते अच्छे से फूल नहीं खिल पाती है। ऐसे में लोग पौधे की बेवजह कटाई और छंटाई करते हैं और रोगों के उपचार के लिए कई तरह की बिमारी का उपचार भी करते हैं। ऐसे में आज हम आपको गुड़हल के पीले पड़ रहे कलियों के उपचार बताएंगे।
गुड़हल के पौधे के लिए ऐसे बनाएं होममेड फर्टिलाइजर
पोषक तत्वों की कमी के चलते पौधे से कलियां पीली पड़कर गिरने लगती है। ऐसे में आप घर पर ही पड़े बेकार की चीजों की मदद से फर्टिलाइजर बनाकर पौधे में लगी बीमारी को ठीक कर सकते हैं।
एक पके हुए केले का छिलका
एक लीटर पानी
कैसे बनाएं फर्टिलाइजर?
केले के छिलके को चाकू की मदद से बारीक काट लें।
अब इस कटे हुए छिलके को एक लीटर पानी डालकर ढक्कन बंद करें।
इसे 48 घंटे के लिए छोड़ दें, ताकि फर्टिलाइजर फर्मंटेड हो जाए।
48 घंटे बाद पानी को छान लें और एक बॉटल में स्टोर करें।
इस फर्टिलाइजर का कैसे करें इस्तेमाल?
सबसे पहले पौधे की गुड़ाई करें।
केले के छिलके से तैयार इस फर्टिलाइजर को एक लीटर पानी में करीब आधा गिलास खाद मिलाकर पौधे की जड़ में डालें।
पौधे के पत्तों में भी इसे स्प्रे कर सकते हैं।
पौधे में लगे कीड़े और चीटियों के उपचार के लिए पानी में एक चम्मच हल्दी मिलाएं और इसे घोल कर स्प्रे करें (होममेड फर्टिलाइजर)।
पौधे में कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए करें ये काम
चूना कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए बेस्ट उपचार है।
आप किसी भी पान की दुकान से एक रुपये में चूना खरीदकर लाएं।
अब एक लीटर पानी में एक से आधा चम्मच चूना मिलाकर पौधे की जड़ में डालें।
चूना पानी डालने से पौधे में कैल्शियम की कमी दूर होगी और पत्ते पीले होने से लेकर कलियां झड़ने तक, कई सारी समस्याओं का समाधान होगा।
गुड़हल के पौधे से जुड़ी इन बातों का रखें खास ध्यान
गुड़हल के पौधे को भरपूर धूप की जरूरत होता है, इसलिए आप इसे दिन के 8-10 घंटे की धूप जरूर दिखाएं।
गुड़हल के पौधे की समय-समय पर कटाई और छंटाई जरूर करें।
पौधे की ज्यादा गुड़ाई न करें, इस हर दो माह में गुड़ाई की जरूरत होती है (गुड़हल के पौधे के लिए खाद)।