राजनांदगांव: इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने की चाहत अब युवाओं को भारी पड़ सकती है। रेलवे स्टेशन, चलती ट्रेन और रेलवे ट्रैक पर रील बनाने का बढ़ता क्रेज देखते हुए अब ऐसे कृत्यों को अपराध की श्रेणी में शामिल कर दिया गया है। चलती ट्रेन के अंदर, रेलवे ट्रैक, प्लेटफार्म और रेलवे ब्रिज पर रील बनाना या सेल्फी लेना अब दंडनीय अपराध माना जाएगा। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करते पकड़ा जाता है, तो उसे छह माह तक की जेल और एक हजार से पांच हजार रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। पिछले कुछ समय में रील बनाने के दौरान कई हादसे सामने आए हैं। कई बार युवाओं की लापरवाही से रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए रेलवे ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। कुछ माह पहले नागपुर मंडल के गोंदिया सेक्शन में रील बनाने के दौरान युवक का हाथ कट गया था। अब रेलवे सुरक्षा बल और संबंधित टीमें स्टेशन, ट्रैक और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखेंगी। इसके अलावा रीलबाजों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
गंदगी फैलाने वालों पर तीसरी आंख से नजर
रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों को स्वच्छ, सुखद और ईको फ्रेंडली रखने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। मई में कूड़े के खिलाफ चलाए गाए अभियान में तगड़ा जुर्माना लगाया गया। यहीं नहीं रेलवे ने तीसरी आंख यानी कैमरों से नजर रखते कई लोगों को गंदगी फैलाते हुए भी पकड़ा है। अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन परिसर को साफ-सुथरा रखने धुम्रपान न करने और इधर-उधर कूड़ा न फैलाने के लिए जागरूक किया जाता है। बार-चार चेतावनी के चावजूद कुछ लोग लापरवाही बरतते हैं।
गांव-गांव पहुंच रही टीम
रेलवे ट्रैक अवरुद्ध करने की घटनाओं को रोकने के लिए आरपीएफ की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। किसानों को रेलवे सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के दौरान लोगों से रेलवे ट्रैक से दूर रहने, ट्रैक पर रील न बनाने और जानवरों को रेलवे लाइन के पास न ले जाने की अपील की गई। आरपीएफ के अधिकारियों ने साफ कहा कि रेलवे ट्रैक पर रील बनाना अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। रेलवे संपत्ति सरकारी संपत्ति है और इसे नुकसान पहुंचाना दडनीय अपराध है। इसकी सुरक्षा करना हर नागरिक को जिम्मेदारी है।
कार्रवाई भी की जा रही
रेलवे ट्रैक के आसपास पर मवेशियों को नहीं छोड़ने, रेलवे ट्रैक से दूर रहने, ट्रैक पर रील न बनाने लगातार जागरूक किया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।
तरूणा साहू, आरपीएफ प्रभारी