October 28, 2026


सोमनी स्कूल में शिक्षक पालक मेगा बैठक शैक्षणिक प्रगति और परीक्षा परिणामों की समीक्षा

राजनांदगांव :- बच्चों की बेहतर शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षकों के साथ पालकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। पालकों को नियमित रूप से बच्चों की पढ़ाई की जानकारी लेनी चाहिए और उनकी समस्याओं को समझकर समाधान का प्रयास करना चाहिए। यह बात शिक्षाविद् एवं जनकल्याण सामाजिक संस्थान के अध्यक्ष योगेंद्र प्रताप सिंह ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सोमनी में आयोजित शिक्षक-पालक मेगा बैठक में कही। बैठक में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, त्रैमासिक परीक्षा परिणाम और पालकों की सहभागिता सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में प्राचार्य सविता अवस्थी, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नरोत्तमदास बंजारे, ग्राम पंचायत सोमनी की सरपंच अनीता साहू सहित शिक्षक, पालक और शाला प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक में योगेंद्र प्रताप सिंह ने पालकों से संवाद करते हुए पूछा कि क्या वे स्कूल से घर लौटने के बाद बच्चों से दिनभर की पढ़ाई और विद्यालय में हुई गतिविधियों की जानकारी लेते हैं। क्या बच्चों को घर पर नियमित अध्ययन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है। घर का वातावरण, पालकों की रुचि और बच्चों के साथ नियमित संवाद भी उनकी शैक्षणिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पालकों को बच्चों की परेशानियों को समझकर उनका आत्मविश्वास बढ़ाना चाहिए।

बैठक में त्रैमासिक परीक्षा के परिणामों पर भी चर्चा हुई। सिंह ने पालकों से पूछा कि कितने लोगों को अपने बच्चों की अंकसूची और परीक्षा परिणाम की जानकारी है। उन्होंने कहा कि अच्छे परिणाम पर बच्चों को प्रोत्साहित करना चाहिए। वहीं अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं आने पर केवल विद्यार्थी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि पढ़ाई में आ रही कठिनाइयों की पहचान कर शिक्षक, पालक और विद्यार्थी को मिलकर समाधान तलाशना चाहिए। नियमित संवाद और सहयोग से बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों में सुधार लाया जा सकता है।

कार्यक्रम में व्याख्याता जीडी गुरु ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से दुलार कैलेंडर की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों, पारिवारिक वातावरण और लैंगिक समानता जैसे विषयों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि बच्चों के सीखने और व्यक्तित्व विकास में परिवार तथा आसपास के वातावरण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बालक और बालिकाओं को शिक्षा के समान अवसर देने तथा उनकी रुचि और क्षमताओं के अनुरूप सहयोग करने की आवश्यकता है।

बैठक में व्याख्याता सुनील भागवत, ईश्वरी कोर्राम, नरेश दुरुग्कर, ममता सिंह, छात्रावास अधीक्षक रेणुका मिश्रा सहित शाला प्रबंधन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में पालक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और पालकों ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए आपसी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।



Related Post

Advertisement

Tranding News

Get In Touch