राजनांदगांव : गौरीनगर में सामने आए गोहत्या के मामले को लेकर जिला अधिवक्ता संघ ने निर्णय लिया है कि इस प्रकरण में संघ का कोई भी सदस्य आरोपितों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग नहीं करेगा। संघ की कार्यकारिणी समिति की 24 अक्टूबर को हुई बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद संघ ने सभी सदस्यों से निर्णय का पालन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
इससे पहले विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की जिला इकाई ने जिला अधिवक्ता संघ से इस मामले में आरोपितों की पैरवी नहीं करने का आग्रह किया था। संगठन की ओर से दिए गए आवेदन में कहा गया था कि गोवंश की हत्या और उसके प्रति क्रूरता से जुड़े मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे मामलों को लेकर समाज में धार्मिक भावनाएं आहत होने और जनाक्रोश उत्पन्न होने की बात भी आवेदन में कही गई थी।
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के जिला पदाधिकारियों ने अधिवक्ता संघ से आग्रह किया था कि गौवंश संरक्षण से जुड़े मामलों की गंभीरता को देखते हुए गोहत्या के आरोपितों की ओर से पैरवी नहीं करने के विषय पर विचार किया जाए। संगठन ने कहा था कि उसका उद्देश्य गोवंश संरक्षण के प्रति जनजागरण, कानून का सम्मान और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के प्रयासों को बढ़ावा देना है।