May 21, 2026


मई में इस दिन मनाई जाएगी अधिक राम लक्ष्मण द्वादशी, पढ़ें शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर राम लक्ष्मण द्वादशी मनाई जाती है। इस बार अधिक मास पड़ रहा है, तो अधिक राम लक्ष्मण द्वादशी के नाम से जाना जाएगा। यह दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम और उनके भाई श्री लक्ष्मण जी को समर्पित है।

इस अवसर पर राम जी और लक्ष्मण जी की पूजा-अर्चना करने का अधिक महत्व है। साथ ही अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करना चाहिए। इससे साधक को जीवन में शुभ परिणाम मिलते हैं। ऐसे में आइए आपको बताते हैं किस दिन मनाई जाएगी अधिक राम लक्ष्मण द्वादशी।

अधिक राम लक्ष्मण द्वादशी डेट और शुभ मुहूर्तवैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि की शुरुआत 27 मई को सुबह 06 बजकर 21 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 28 मई को सुबह 07 बजकर 56 मिनट पर होगा। ऐसे में 27 मई को अधिक राम लक्ष्मण द्वादशी मनाई जाएगी।

ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 03 मिनट से 04 बजकर 44 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 36 मिनट से 03 बजकर 31 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 07 बजकर 10 मिनट से 07 बजकर 31 मिनट तक
निशिता मुहूर्त - रात 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक
अभिजित मुहूर्त- कोई नहीं

सूर्योदय और सूर्यास्त का समयसूर्योदय का समय: प्रातः 05 बजकर 25 मिनट
सूर्यास्त का समय: सायं 07 बजकर 12 मिनट
चंद्रोदय का समय: दोपहर 03 बजकर 51 मिनट
चंद्रास्त का समय: रात्रि 03 बजकर 01 मिनट (28 मई)

क्यों मनाई जाती है राम लक्ष्मण द्वादशीपौराणिक कथा के अनुसार, जब राजा दशरथ को कोई संतान नहीं हो रही थी, तो ऐसे में महर्षि वशिष्ठ और ऋषि दुर्वासा ने उन्हें ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का व्रत करने की सलाह दी। इसी व्रत और पूजन के असर से उनके घर श्री राम और लक्ष्मण जी ने जन्म लिया। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को विधिपूर्वक करने से दंपत्ति को संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस दिन मंदिर या गरीब लोगों में विशेष चीजों का दान जरूर करना चाहिए। राम लक्ष्मण द्वादशी के व्रत का महत्व श्री वाराह पुराण देखने को मिलता है।


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