राजनांदगांव : स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में बेहतर रैंक हासिल करने के लिए नगर निगम ने इस बार पूरी ताकत झोंक दी है। खास बात यह है कि अब शहर की सफाई व्यवस्था का फैसला केवल कागजों से नहीं, बल्कि जनता के फीडबैक और जमीनी हकीकत से होगा। इसी को देखते हुए निगम प्रशासन ने वार्डों में साफ-सफाई, सार्वजनिक शौचालयों, एसएलआरएम सेंटरों और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि निगम ने सर्वेक्षण से पूर्व तैयारियों में करीब छह करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
नागरिकों से फीडबैक जुटाने अभियान की शुरुआत की जा रही है। निगम सभागृह में आयोजित बैठक में आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने नोडल अधिकारियों और स्वास्थ्य अमले को निर्देश दिए हैं कि स्वच्छता सर्वेक्षण के सभी मापदंडों पर गंभीरता से काम किया जाए। इस बार नागरिकों के फीडबैक के 100 अंक और मौके पर जांच के 400 अंक तय करेंगे कि शहर को कितनी रैंक मिलेगी। इसलिए सफाई व्यवस्था के साथ लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
बैठक में आयुक्त ने तकनीकी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सार्वजनिक शौचालयों में सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। महिला, पुरुष, बच्चों और दिव्यांगों के लिए अलग संकेतक लगाने को भी कहा गया। स्वास्थ्य अमले को निर्देश दिए गए कि वार्डों में नियमित सफाई हो, कचरा जमा नहीं होने दिया जाए और गीला-सूखा कचरा पृथक्करण अभियान को तेज किया जाए। स्वच्छता दीदियां घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें और उनसे फीडबैक भी लें।
निगम प्रशासन ने बाजारों, तालाबों, उद्यानों और चौक-चौराहों में डस्टबिन लगाने तथा स्वच्छता संबंधी संदेश लिखवाने के निर्देश भी दिए हैं। कचरा संग्रहण वाहनों में स्वच्छता संदेश वाले गीत बजाने और वाहनों की मरम्मत तत्काल कराने को कहा गया है। आयुक्त ने कहा कि पिछले वर्ष की कमियों को ध्यान में रखते हुए इस बार टीम भावना से काम करना होगा। तभी शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर स्थान दिलाया जा सकेगा।
टीम सीधे जनता से जानेगी सफाई का हाल
बताया गया कि स्वच्छ भारत मिशन की टीम शहर में पहुंचकर सीधे लोगों से सवाल पूछेगी। इसमें रोजाना कचरा उठाव, गीला-सूखा कचरा अलग देने की व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, बाजार और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता जैसे मुद्दों पर नागरिकों की राय ली जाएगी। टीम यह भी देखेगी कि शहर में खुले में कचरा तो नहीं फेंका जा रहा और एसएलआरएम सेंटरों में कचरा पृथक्करण सही तरीके से हो रहा है या नहीं।
जनता से पूछे जाएंगे ये सवाल
-क्या रोजाना घर से कचरा उठाया जाता है?
-क्या गीला और सूखा कचरा अलग-अलग दिया जाता है?
-इलाके की साफ-सफाई को कितने अंक देंगे?
-बाजार, पार्क और सार्वजनिक स्थान कितने साफ हैं?
-क्या सार्वजनिक शौचालय साफ और उपयोगी हैं?
-क्या शहर में एसएलआरएम सेंटर की जानकारी है?
-क्या सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई नियमित होती है?