खैरागढ़: नवरात्र और त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में सघन निरीक्षण अभियान शुरू किया है। आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए विभाग खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर रहा है। पिछले चार दिनों में खैरागढ़, बाजार अतरिया और कलेक्टोरेट परिसर स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों से कुल 12 नमूने संकलित किए गए हैं। इनमें आठ विधिक और चार सर्विलांस नमूने शामिल हैं। अब इनकी गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने की जांच की जाएगी। हालांकि, नमूने लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित खाद्य पदार्थ मिलावटी पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक घृतलहरे द्वारा किराना दुकानों, जनरल स्टोर्स और खाद्य सामग्री बेचने वाले प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। विभाग का जोर त्योहारों के दौरान अधिक इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने पर है।
चार दिन में तीन क्षेत्रों के प्रतिष्ठानों की जांच
खैरागढ़ के जयस्तंभ चौक स्थित मेसर्स भगवती किराना स्टोर्स का निरीक्षण किया गया। यहां से मैगी, ओट्स और फॉर्च्यून रिफाइंड सूरजमुखी तेल के तीन विधिक नमूने लिए गए। बाजार अतरिया स्थित मेसर्स जीतू डेली नीड्स एवं जनरल स्टोर्स की जांच की गई। यहां से पतंजलि काजू बिस्किट का एक विधिक और स्पेशल सूजी टोस्ट का एक सर्विलांस नमूना संकलित किया गया। कलेक्टोरेट परिसर स्थित गढ़ कलेवा का निरीक्षण कर समोसा और साबूदाना बड़ा के दो सर्विलांस नमूने लिए गए। खैरागढ़ के गोलबाजार स्थित मेसर्स न्यू फेमस बाजार का निरीक्षण किया गया। यहां फलाहार में उपयोग होने वाली इंस्टेंट इडली, सिंघाड़ा आटा और साबूदाना के तीन विधिक नमूने तथा खम्मन ढोकला आटा का एक सर्विलांस नमूना लिया गया।
इस तरह चार दिनों में कुल 12 नमूने संकलित किए गए हैं। इनमें आठ विधिक और चार सर्विलांस नमूने शामिल हैं। इन नमूनों के परीक्षण से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की स्थिति सामने आएगी।
पैकेट खरीदने से पहले लेबल जांचें
विभाग केवल दुकानों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी जागरूक कर रहा है। 'हर लेबल कुछ कहता है' अभियान के तहत लोगों को पैकेटबंद खाद्य सामग्री खरीदते समय निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, सामग्री की संरचना, निर्माता का विवरण और एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर जांचने की सलाह दी जा रही है। त्योहारी खरीदारी के दौरान आकर्षक पैकेट और ब्रांड देखकर ही खाद्य सामग्री खरीदने के बजाय उसकी जरूरी जानकारियां पढ़ने पर जोर दिया जा रहा है। उपभोक्ताओं से संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जानकारी संबंधित विभाग को देने की अपील भी की जा रही है।
कारोबारियों को चेतावनी, नियमों से समझौता नहीं
खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक घृतलहरे ने बताया कि जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटी एवं अमानक सामग्री की बिक्री रोकने के लिए निरीक्षण और नमूना संकलन की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विशेष रूप से नवरात्र और त्योहारी सीजन में इस्तेमाल होने वाले फलाहार सहित अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने और स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने की अपील की। अब निगाहें नमूनों की जांच रिपोर्ट पर रहेंगी, जिससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।