October 20, 2026


त्योहारों की खुशियों के बीच पेंशन का टेंशन

समय पर पेंशन नहीं मिलने से बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग परेशान

राजनांदगांव: जरूरत के वक्त मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन ही जब महीनों तक न मिले, तो बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो जाता है। राजनांदगांव जिले में हजारों पेंशनधारी भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। पेंशन नहीं मिलने से परेशान हितग्राही मई से ही कार्यालयों और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। पेंशन के सहारे जीवनयापन करने वाले गरीब परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में करीब 40 हजार से अधिक पेंशनधारी इस समस्या से प्रभावित बताए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार की विभिन्न पेंशन योजनाओं के साथ राज्य सरकार द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा और मुख्यमंत्री पेंशन योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता दी जाती है। इन योजनाओं का उद्देश्य बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को आर्थिक संबल प्रदान करना है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी कर सकें। लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने से योजना के लाभार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हितग्राहियों को मई से सितंबर माह तक का पेंशन नहीं मिल पाया है।

छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी परेशानी

पेंशन की राशि कई जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए आय का प्रमुख सहारा होती है। इसी से वे दवाइयों, राशन और अन्य जरूरी खर्चों की व्यवस्था करते हैं। ऐसे में लगातार भुगतान नहीं होने से उनकी मुश्किलें बढ़ रही हैं। खासकर उन बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए बार-बार कार्यालय पहुंचना कठिन है, जिन्हें चलने-फिरने में परेशानी होती है। इसके बावजूद भुगतान की जानकारी और अपनी समस्या के समाधान के लिए उन्हें अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

घर पहुंच सेवा भी ठप, शिविर का भी पता नहीं

बता दें कि पहले बुजुर्गाें-दिव्यांगों को घर पहुंचकर पेंशन का भुगतान किया जाता था। यहीं नहीं वार्डों में अलग-अलग स्थानों में शिविर लगातार पेंशन राशि का भुगतान किया जाता था। लेकिन वर्तमान में स्थिति पूरी तरह से उलट है। बुजुर्गाें को पेंशन के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। नगर निगम के सामान्य सभा में कांग्रेस पार्षदों ने यह मुद्द को जोरशोर से भी उठाया था। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नई प्रणाली को सुचारु रूप से लागू करने के लिए तकनीकी समन्वय किया जा रहा है, लेकिन इसमें अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है।

 फंड का भी अड़ंगा

हितग्राहियों को अलग-अलग योजनाओं को अलग-अलग राशि दी जाती है। लेकिन कुछ माह से व्यवस्था डगमगा गई है। स्थिति को और जटिल केंद्र से फंड जारी होने में देरी ने बना दिया है। परिणामस्वरूप वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन के हितग्राही लगातार पांच माह से राशि मिलने का इंतजार कर रहे हैं। बुजुर्गों ने बताया कि वे दवाइयों, राशन और दैनिक जरूरतों के लिए पूरी तरह इसी पेंशन राशि पर निर्भर हैं। नियमित आय का कोई अन्य साधन नहीं होने के कारण उन्हें उधार लेकर खर्च चलाना पड़ रहा है। कुछ मामलों में तो दवा उपचार भी प्रभावित हो रहा है।



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