Rajasthan News: दौसा के नांदरी गांव में छह माह की गर्भवती की दुष्कर्म और हत्या के खिलाफ लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने देर रात आरोपियों के दो घरों में आग लगाई और वहां जमकर तोड़-फोड़ मचाई. पथराव में चार सिपाहियों और सात अन्य लोग घायल हो गए. आगजनी में लाखों रुपए का सामान नुकसान पहुंचा. पुलिस ने शुक्रवार को नांदरी गांव को छावनी में तब्दील कर दिया.
इसके बाद ग्रामीण दुष्कर्म और हत्या के आरोपी और परिवारजनों के घरों में पहुंचे और चार घरों (आरोपी और उनके परिजनों के) को आग लगा दिया. भाग्यशाली बात यह थी कि इस समय घरों में कोई नहीं था, इससे कोई जनहानि नहीं हुई. हालांकि, आग लगाने के दौरान सात लोगों को चोटें आई.
दूसरी ओर, आरोपियों के घरों को आग लगाने की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जिस पर ग्रामीणों ने पथराव किया. इससे चार सिपाहियों को चोटें आई. तीन दमकलों ने चार घंटे में आग बुझाई. पुलिस ने 100 जनों के खिलाफ केस दर्ज किया है.
29 अप्रैल को खेत में मिला था गर्भवती महिला का शव
नांदरी गांव में 28 अप्रैल को जगराम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई थी. महिला के पति का कहना था कि आरोपी ने उनकी पत्नी को 27 अप्रैल को चारा भरवाने के लिए ले गया था. पत्नी नहीं लौटी तो पुलिस में शिकायत दर्ज की गई. पुलिस को महिला का शव 29 अप्रैल को खेत में क्षत-विक्षत मिला था. मृतका के पति ने आरोप लगाया कि जगराम ने दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी. उनकी पत्नी 6 महीने की प्रेग्नेंट भी थी. पुलिस ने 1 मई को आरोपी जगराम के पुत्र बाबूलाल मीणा को गिरफ्तार किया था.