May 27, 2026


मृत बताकर काटे गए मतदाताओं के नाम, कांग्रेस ने लगाया वोट चोरी का आरोप

एसआइआर पर सवाल: कलेक्टर से मिलकर प्रतिनिधिमंडल ने की गड़बड़ियों की शिकायत




राजनांदगांव: मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी एसआइआर की प्रक्रिया पर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाया है। किसी को मृत बताकर सूची से बाहर कर दिया गया तो कई अन्य कारणों से मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। दो दिन पूर्व कलेक्टर से इस तरह की गड़बडी की शिकायत करने वाली शहर कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर इसे वोट चोरी की साजिश बताया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार, प्रदेश सचिव मेहुल मारु ने निर्वाचन आयोग पर एसआइआर में मतदाताओं का नाम हटाकर चुनावों के परिणाम प्रभावित करने के सुनियोजित षड़यंत्र के आरोप लगाए हैं।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह के निर्वाचन क्षेत्र में अनियमितताएं सामने आ रहीं हैं। जैसा कि कांग्रेस ने शुरु से कहा है, यह वोट चोरी का सुनियोजित और संगठित प्रयास है। ताकि भाजपा को इसका लाभ मिल सके। पत्रकारवार्ता के बाद कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर जितेंद्र यादव से मुलाकात की और मामले कोफिर से उनके सामने रखा। कलेक्टर ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया है कि प्रकरण की जांच की जाएगी और जो भी इसके लिए दोषी पाया जाएगा उस पर कठोर कार्रवाई होगी।
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के संज्ञान में जो गड़बडि़यां हैं उनके अनुसार कई जीवित मतदाताओं को मृत बताकर उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। प्रदेश कांग्रेस सचिव मेहुल मारु का नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया गया जबकि उनके परिवार के सदस्यों का नाम इसमें शामिल है। प्रभावित मतदाताओं द्वारा जानकारी दी जा रही है कि एसआइआर के दौरान उन्होंने बीएलओ को समस्त दस्तावेज दिए थे। तब सभी जानकारी पर्याप्त और सही बताई गई थी। लेकिन अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची में उनका नाम नहीं है। कई मतदाताओं ने तहसील कार्यालय में पेशी में भी अपना पक्ष रखा था। कांग्रेस की मांग है कि इन प्रकरणों को देखते हुए मतदाता सूची से हटाए गए नामों का पुन: सत्यापन करवाया जाए। जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

प्रक्रिया में शामिल हुए, दस्तावेज दिए फिर भी नाम नहीं
बसंतपुर निवासी कुसुम जायसवाल को मृत बताते हुए मतदाता सूची से उनका नाम हटा दिया गया है, जबकि वे जीवित हैं और उन्होंने एसआइआर की प्रक्रिया में हिस्सा भी लिया था। इसी तरह नंदई बसंतपुर के मतदाता टोमन ठाकुर को भी मृत बताकर सूची से उनका नाम पृथक कर दिया गया। मुदलियार ने कहा कि यह गंभीर गड़बडि़यां स्पष्ट संकेत देती हैं कि चुनाव में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाकर भाजपा को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई है। जिस तरह से गड़बडि़यां उजागर हुई हैं उसे देखते हुए निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। प्रदेश सचिव मेहुल ने कहा कि भाजपा और निर्वाचन आयोग की जुगलबंदी है जिसमें चुनावी परिणामों को प्रभावित करने के लिए अनैतिक प्रयास किए गए हैं। मतदाताओं के नाम हटाकर, जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर गड़बडि़यां की गई है। प्रेसवार्ता के दौरान सूर्यकांत जैन, झम्मन देवांगन, विनय झा, लक्ष्मण साहू, वीरेंद्र चंद्राकर, ललित कुमरे, ललित मरकाम, राकेश चंद्राकर, आशीष साहू, अमर झा, दुष्यंत चंद्राकर, विशु आजमानी, जय जायसवाल, आदित्य वैष्णव सहित अन्य उपस्थित थे।


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