राजनांदगांव :- शहर के मठपारा स्थित सुनील अग्रवाल के प्रांगण में आयोजित गरबा कार्यक्रम को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। हिंदू जागरण मंच, जिला राजनांदगांव ने आयोजन में प्रवेश शुल्क, जीएसटी भुगतान, निर्धारित समय-सीमा तथा प्रशासनिक अनुमति की स्थिति की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मंच का आरोप है कि प्रत्येक व्यक्ति से 200 रुपये लेकर प्रवेश दिया जा रहा है, जबकि आयोजन की अनुमति और शासन को देय करों के भुगतान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
हिंदू जागरण मंच के अनुसार, मंच द्वारा पूर्व में जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस महानिरीक्षक को आवेदन सौंपकर मांग की गई थी कि गरबा आयोजन को रात्रि 10 बजे तक ही संचालित करने की अनुमति दी जाए। इसके बावजूद संबंधित स्थल पर रात्रि लगभग 1:30 बजे तक गरबा आयोजित किए जाने का आरोप है। यदि निर्धारित अनुमति और प्रशासनिक निर्देशों का उल्लंघन हुआ है, तो इसकी जांच कर संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
₹200 प्रवेश शुल्क और जीएसटी भुगतान की जांच की मांग
मंच ने आरोप लगाया है कि गरबा आयोजन में प्रत्येक व्यक्ति से 200 रुपये प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है। ऐसे में आयोजन से प्राप्त कुल राशि, जारी की जा रही रसीदों, आय के लेखा-जोखा तथा जीएसटी से संबंधित दायित्वों की जांच आवश्यक है। मंच का कहना है कि यदि बड़ी संख्या में लोगों से शुल्क लेकर कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, तो आयोजकों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्राप्त राशि का हिसाब किस प्रकार रखा जा रहा है और लागू नियमों के अंतर्गत आवश्यक करों का भुगतान किया जा रहा है या नहीं।
हिंदू जागरण मंच ने संबंधित विभागों से मांग की है कि प्रवेश शुल्क से होने वाली कुल आय, आयोजन की वित्तीय व्यवस्था तथा जीएसटी संबंधी अभिलेखों का परीक्षण किया जाए। यदि जांच में कर चोरी या किसी अन्य वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
रात्रि 10 बजे की समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने की मांग
मंच ने अपने आवेदन में गरबा आयोजन को रात्रि 10 बजे तक सीमित रखने की मांग की थी। इसके बावजूद देर रात तक कार्यक्रम चलने के आरोप ने प्रशासनिक निगरानी और नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। मंच का कहना है कि देर रात तक तेज आवाज में संगीत और कार्यक्रम जारी रहने से आसपास के निवासियों को परेशानी हो सकती है तथा कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति प्रभावित होने की आशंका रहती है।
मंच ने यह भी आरोप लगाया है कि देर रात कार्यक्रम में आने वाले कुछ लोगों के नशे की हालत में होने की शिकायतें हैं। इन आरोपों की पुलिस द्वारा जांच कराई जानी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति द्वारा नशे की हालत में उपद्रव, दुर्व्यवहार या कानून का उल्लंघन किया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
आयोजन की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था की हो जांच
हिंदू जागरण मंच ने जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग से मांग की है कि संबंधित गरबा आयोजन को जारी की गई अनुमति, अनुमति में निर्धारित शर्तों, कार्यक्रम के समय, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग तथा सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाए। यदि आयोजकों द्वारा अनुमति की शर्तों का उल्लंघन किया गया है, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाए।
मंच का कहना है कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के नाम पर किसी भी प्रकार की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। आयोजन चाहे किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा किया जा रहा हो, उसे लागू कानूनों, कर संबंधी नियमों और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की भी जांच की मांग
हिंदू जागरण मंच ने संबंधित व्यक्ति से जुड़ी अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की भी जांच कराने की मांग की है। मंच ने आरोप लगाया है कि कुछ व्यावसायिक गतिविधियों में कर्मचारियों या अन्य व्यक्तियों के नाम पर फर्म बनाकर कारोबार किए जाने और बाद में कारोबार बंद कर दिए जाने जैसी अनियमितताओं की आशंका है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना आवश्यक है।
मंच ने संबंधित विभागों से आग्रह किया है कि यदि उपलब्ध दस्तावेजों या शिकायतों के आधार पर कोई ठोस संदेह सामने आता है, तो आयकर विभाग, जीएसटी विभाग और अन्य सक्षम एजेंसियां अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत वित्तीय लेन-देन, फर्मों के पंजीयन, कर भुगतान तथा व्यावसायिक अभिलेखों की जांच करें। जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाए।
राजनीतिक संरक्षण के आरोपों की भी हो निष्पक्ष जांच
मंच ने आरोप लगाया है कि संबंधित आयोजन को प्रभावशाली लोगों और बड़े राजनेताओं का संरक्षण प्राप्त होने के कारण नियमों का पालन नहीं कराया जा रहा है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। मंच ने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी व्यक्ति के राजनीतिक या सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखे बिना शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर समान रूप से कार्रवाई की जाए।
हिंदू जागरण मंच ने प्रशासन से की जवाबदेही तय करने की मांग
हिंदू जागरण मंच, जिला राजनांदगांव ने जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक तथा संबंधित कर विभागों से पूरे मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। मंच के अनुसार, यदि प्रवेश शुल्क से बड़ी राशि एकत्र की जा रही है, निर्धारित समय के बाद भी कार्यक्रम संचालित हो रहा है और कर संबंधी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, तो संबंधित विभागों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में जांच करनी चाहिए।
मंच ने मांग की है कि आयोजन की अनुमति और समय-सीमा की जांच पुलिस एवं जिला प्रशासन करे, जबकि जीएसटी और अन्य कर संबंधी विषयों की जांच सक्षम विभागों द्वारा की जाए। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
हिंदू जागरण मंच का कहना है कि शहर में होने वाले सभी सांस्कृतिक आयोजनों में नियमों का पालन, सार्वजनिक शांति, पारदर्शिता और शासन के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। प्रशासन को शिकायत पर निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता होने पर उचित कार्रवाई हो सके।
प्रस्तुतकर्ता: हिंदू जागरण मंच, जिला राजनांदगांव