January 13, 2026


ऑपरेशन सिंदूर में ध्वस्त हुए आतंकी ढांचे बनवा रही शहबाज सरकार, डिफेंस रिपोर्ट में खुली पाकिस्तान की पोल

 नई दिल्ली : पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मुहम्मद किसी भावावेश या अनियोजित तौर-तरीके से कार्य नहीं करते हैं बल्कि उनका सुनियोजित तरीके से प्रबंधन होता है। इन संगठनों का वहां की सरकार और सेना के साथ पूरा तालमेल और सहयोग है। यह बात ब्रिटिश संस्था डिफेंस नेट की ताजा रिपोर्ट में कही गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में दोनों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घोषित आतंकी संगठनों को सरकारी संरक्षण प्राप्त है। वहां उन्हें हर तरह का सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, हथियार और प्रशिक्षण का सहयोग मिलता है।

आतंकी संगठनों के पाकिस्तानी समर्थन का सबसे बड़ा उदाहरण पाक के कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद में निर्माणाधीन मरकज सैयदना बिलाल कॉम्प्लेक्स है। पहले इस स्थान की पहचान जैश ए मुहम्मद के ट्रेनिंग सेंटर के रूप में थी लेकिन ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय कार्रवाई में यहां बनी इमारत और अन्य ढांचा ध्वस्त हो गया था। अब सरकार इसे दोबारा बनवा रही है।

अक्टूबर 2025 में पाकिस्तान के कश्मीर मामलों के मंत्री राणा मुहम्मद कासिम नून ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वहां का दौरा किया था और वहां पुनर्निर्माण की घोषणा की थी। इसी तरह से लश्कर और जैश से जुड़े कई प्रमुख लोग अक्सर आतंकी विचारधारा से ओतप्रोत कार्यक्रम आयोजित करते हैं और सरकारी कार्यक्रमों में खुलेआम शिरकत करते हैं।


Related Post

Advertisement

Tranding News

Get In Touch